मनोज सैनी
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों जिनमें ऐसे घोड़े-खच्चर जो बीमार हैं या भार ढोने में असमर्थ हैं ऐसे घोड़े-खच्चरों से कार्य न लिया जाए जिसके नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में टीम गठित की गई है जिनके द्वारा ऐसे घोड़े-खच्चर मालिकों एवं संचालकों के विरुद्ध चैकिंग अभियान चलाते हुए उनके खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

इस आशय की जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत ने अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में तैनात टीम द्वारा चैकिंग अभियान के दौरान 04 घोड़े-खच्चर मालिकों द्वारा घोड़े-खच्चर अधिक भार ढोने में असमर्थ होने के कारण फिर भी उनके मालिकों द्वारा उनसे कार्य लिया जा रहा था, जिनके विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है जिनमें उस्मान पुत्र तसीर ग्राम राहतपुर नजीबाबाद बिजनौर, उत्तर प्रदेश, दिगपाल सिंह पुत्र गौरे सिंह ग्राम बंगोली घाट चमोली, संजय प्रसाद पुत्र आनंदमणी ग्राम भोरण भल्ला घाट चमोली तथा संजय लाल पुत्र रूपसा लाल निवासी रुद्रप्रयाग के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने अवगत कराया है कि चारों पशु मालिकों द्वारा पशु खच्चर के भार ढोने में असमर्थ होने के बाद भी पशुओं से कार्य करवाया जा रहा था जिनके विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अब तक जनपद में 06 व्यक्तियों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।

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