ब्यूरो
हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार के कर विभाग में लाखों रुपए के टैक्स की हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है। नगर निगम के कर विभाग में तैनात दो कर्मचारियों पर हेराफेरी करने के आरोप लग रहे है। आरोप हैं कि दोनों ने अपने पदों पर रहकर टैक्स रसीदों में ओवर राइटिंग कर लाखों रुपए का गबन किया है। विभाग के अधिकारियों की सक्रियता के चलते दोनों कर्मचारियों की हेराफेरी पकड़ी गई है। दोनों कर्मचारियों द्वारा बड़ी ही चालाकी से अपने गडबड झाले को अंजाम दिया है। विभागीय अधिकारियों ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। नगर आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद को दिये है। जिनसे बुधवार तक जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार नगर निगम कर विभाग में बड़े गडबड़ झाले का मामला प्रकाश में आये है। इस गडबड़ झाले में कर विभाग में तैनात दो कर्मियों पर गम्भीर आरोप लग रह है। मामला प्रकाश में आते ही नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया है। नगर आयुक्त ने पूरे मामलेे की जांच सहायक नगर आयुक्त श्याम सुन्दर प्रसाद को सौप कर बुधवार शाम तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये है। नगर आयुक्त दयानंद सस्वती ने बताया कि नगर निगम कर विभाग में कुछ गड़बड़ी की शिकायत मिली है। जिसकी जांच उनके द्वारा सहायक नगर आयुक्त श्याम सुन्दर प्रसाद को सौपी है जोकि प्रकरण की जांच कर अपनी रिपोर्ट उनको बुधवार की शाम तक सौंपेंगे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पायेगी। सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद ने बताया है कि विभाग में कर संग्रह का कार्य करने वाले दो कर्मचारियों पर आरोप हैं कि उन्होंने टैक्स की रसीदों में हेराफेरी कर लाखों रुपए का गबन किया है लेकिन फिलहाल एक कर्मी के कार्यो की जांच की जा रही है। इस कर्मी की जांच पूरी होने के बाद दूसरे कर्मी के कार्यो की जांच की जाएगी। जिस कर्मी की जांच चल रही हैं वह करीब 2-3 सालों से इस काम को सम्भाल रहा था, इसलिए उसके कार्यकाल के समय के रिकार्डो और रसीदों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिस कर्मी के कार्यकाल की जांच की जा रही है, उसके द्वारा करीब पांच लाख के हेराफेरी करते हुए गबन करने की सम्भावना जताई जा रही है लेकिन सच्चाई जांच के बाद सामने आयेगी। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती द्वारा इस प्रकरण की जांच उनको सुपुर्द की गई है। उनका प्रयास हैं कि प्रकरण की जांच पूरी कर कल यानि बुधवार तक अपनी जांच रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौप देगें। बताया जा रहा हैं कि जांच के बाद ही दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, हालांकि अभी तक नगर निगम की ओर से प्रकरण की शिकायत पुलिस से नहीं की गई है। आरोप हैं कर विभाग की रसीद बुक में ओवर राइटिंग की गई हैं, जिसको देखकर लगता हैं कि ओवर राइटिंग करने के पीछे बड़ा झोल हो सकता हैं। अधिकारियों को इस झोल में लाखों के गबन की बूं आ रही है। कर विभाग में इस गड़बड़ झाले का खुलासा होते ही नगर निगम में हड़कम्प की स्थिति है। नगर निगम कर हर कर्मचारी व अधिकारी पूरे प्रकरण की सच्चाई को जानने के इक्छुक नजर आ रहा है। नगर निगम के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद कर विभाग से जुड़े अधिकारी द्वारा व्यापक स्तर पर जांच की जा रही है। अधिकारी पिछले रिकार्डो को भी खंगाल रही हैं जिससे की पता चल सके कि कर्मचारियों द्वारा हेराफेरी का खेल कब से खेला जा रहा था। नगर निगम के अधिकारियों की माने तो कर विभाग में दोनों कर्मचारियों द्वारा किया गया गड़बड़ झाला लाखों में हो सकता है।

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