मनोज सैनी
हरिद्वार। आरटीआई एक्टिविस्ट स्व0 पंकज लांबा की षड्यंत्र के तहत की गई हत्या में लांबा के परिवार को अभी तक न्याय न मिलने के कारण उनकी पत्नी बच्चों सहित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई है। धरने पर बैठी स्व0 पंकज लांबा की पत्नी ज्योति ने बताया कि उनके पति ने बहुत बड़े छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था जिसमें एसआईटी ने जांच कर उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक एवं इसमें लिप्त अधिकारियों को चिन्हित किया था जिसमें से काफी बड़े-बड़े रसूखदार लोग जेल भी जा चुके हैं और अभी भी जेल जाने का यह सिलसिला जा रही है। उन्होंने बताया कि मेरे पति उन लोगों की आंखों में बहुत खटक रहे था इसलिए उनको जान से मारने की लगातार धमकियां मिल रही थी।
जिसकी सूचना उनके पति ने समय-समय पर पुलिस व जनपद के आला अधिकारियों को देकर सुरक्षा की गुहार भी की थी। परंतु मेरे पति की गुहार को संबंधित अधिकारियों ने लगातार अनदेखा किया। अंत में वही हुआ जिसका अंदेशा था जिसमें 4 दिसंबर 2020 की रात को उनके पति को घर से बुलवा कर दूसरे के घर ले जाकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी। पुलिस ने दो नाबालिग लड़कियों को जेल भेज कर बहुत बड़े प्रोफाइल मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। जबकि उनके पति की हत्या कराने में छात्रवृत्ति घोटाले में लिप्त लोगों एवं अन्य माफियाओं का हाथ है। श्रीमती ज्योति ने बताया कि इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करने के लिए जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा वह नगर मजिस्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठी रहेगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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