प्रवीण कुमार
हरिद्वार। आम आदमी पार्टी हरिद्वार द्वारा सरकार द्वारा जारी एसओपी के कारण बसंत पंचमी के स्नान में श्रद्धालुओ की कम भीड़ ने एक बार फिर व्यापारियों को निराश कर दिया है। इस अवसर पर पार्टी की पूर्व प्रदेश प्रवक्ता हेमा भण्डारी ने कहा कि सरकार की प्रतिदिन जारी नई गाइड लाइन व्यापारी एवम श्रद्धालुओ के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है जिससे भ्रम की स्थिति उतपन्न होने से दूसरा स्नान भी फैल साबित हुआ। सरकार की मनसा कुम्भ कराने को लेकर नही है। सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी कि कुम्भ होगा या नही। एक तरफ महंगे तंबुओं को लगाया जा रहा है। दूसरी ओर श्रद्धालुओ को आने से रोक जा रहा है। जब श्रद्धालु ही नही होंगे तो कुम्भ की भव्यता और दिव्यता के मायने क्या होंगे। ये भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए करोड़ो हिन्दुओं की आस्था के इस महापर्व को सरकार अपनी नाकामियों से ढकने के लिए कोरोना की चादर ओढ़ कर बैठ गयी। जब सरकार ने सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, राजनीतिक रैलियों और सभाओं को छूट दे रखी है तो फिर हिंदुओ की आस्था से खिलवाड़ क्यों? बिना हवन, यज्ञ ओर पूजा पाठ के कुम्भ का आयोजन कैसे सफल होगा? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। जब सरकार की नीयत कुम्भ कराने की नही थी तो इतना भारी भरकम खर्च करने को जरूरत क्या थी?
हरिद्वार के व्यापारी का परिवार चारधाम ओर छोटे बड़े स्नानो से ही चलता है। कुम्भ को लेकर एक आस जगी थी परंतु सरकार ने उसपर भी पानी फेर दिया। डबल इंजन की सरकार चंद उद्योगपतियो के विकास तक ही सीमित रह गयी है। आज हर वर्ग उपेक्षित है। महंगाई, बिजली, डीजल- पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की पहले से मार झेल रहा हरिद्वार का व्यवसाय सरकार की एसओपी की भेंट चढ़ गया।

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