मनोज सैनी
बागेश्वर। उत्तराखण्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों की नस नस में भ्रष्टाचार समा चुका है, भ्रष्टाचार रुकने के सरकार चाहे जितने दावे कर लेकिन वास्तविकता यह है कि आज भी आमजन का कोई भी काम बिना रिश्वत दिए नहीं होता। इसी कड़ी में विजिलेंस ने आज उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में तैनात जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को 50 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के मुताबिक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि वह सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी है तथा उपनल के माध्यम से सैनिक कल्याण विभाग में कार्य करता है। उनका 11 महीने का अनुबंध होता है, सेवा विस्तार बढ़ाने के एवज में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी बागेश्वर (सेवानिवृत कर्नल) सुबोध शुक्ला द्वारा 50,000/- रूपया रिश्वत की मांग की जा रही है। जांच में प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी अनिल सिंह मनराल द्वारा निरीक्षक के नेतृत्व में तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया।
सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए रिश्वतखोर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी बागेश्वर सुबोध शुक्ला (सेवानिवृत कर्नल) मूल निवासी ग्राम रामपुर, पो. बिरसिंधपुर, पाली, बांधीगढ़ जिला उमरिया, मध्य प्रदेश हॉल निवासी गैस्ट हाउस, सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास कार्यालय परिसर बागेश्वर को शिकायतकर्ता से 50 हजार रूपये रिश्वत लेते हुये जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय बागेश्वर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरूगेशन महोदय द्वारा ट्रैप टीम को नगद पुरूष्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गयी।

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