मनोज सैनी
देहरादून। उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड को लेकर उत्तराखण्ड काँग्रेस के अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष श्री मदन लाल जी ने प्रेस वार्ता में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में वीआईपी के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखण्ड प्रभारी दुष्यन्त कुमार गौतम के नाम का खुलासा भाजपा नेता रहे पूर्व विधायक सुरेश राठौर की धर्मपत्नी उर्मिला द्वारा किये जाने से बौखलाई भाजपा अब जाति कार्ड खेलने का घिनौना काम कर रही है, लेकिन हमारा मानना है कि अपराधी की कोई जाति नही होती उसकी जाति अपराध होती है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट व पार्टी प्रवक्ता राजपुर विधायक खजान दास द्वारा जिस प्रकार से अपने राष्ट्रीय महामंत्री गौतम को बचाने के लिए उनका अनुसूचित जाति वर्ग का होना बताया है वास्तव में यह पूरे प्रदेश व देश के अनुसूचित जाति वर्ग का घोर अपमान है व राज्य में अनुसूचित जाति व स्वर्ण वर्ग को आपस में वैमनस्य बढ़ाने वाला बयान है। इन दोनों नेताओं ने अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड में जाति का कोण लाकर पूरे अनुसूचित जाति को शर्मिदा करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अंकिता जिस जाति से आती है उस वर्ग के मन में भाजपा के नेताओं द्वारा अनुसूचित जाति के लिए घृणा व आक्रोश पैदा करने की नापाक कोशिश की गई जो निंदनीय है और प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग पूरे अनुसूचित जाति समाज की ओर से भाजपा के इस घृणित कृत्य की निंदा करती है। उन्होंने दोनों भाजपा नेताओं महेन्द्र भट्ट एवं खजान दास से सवाल किया कि जब हरिद्वार के संटेªसा में 17 वर्ष की नाबालिग अनुसूचित जाति की बेटी का रेप बाद हत्या की गई। उत्तरकाशी में अनुसूचित जाति के बेटियों के साथ बलात्कार की घटना हुई, अल्मोड़ा और राज्य के अन्य हिस्सों में अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार हुए तब इन्होेने अनुसूचित की पैरवी क्यों नही की? इसका जबाव भी भाजपा को देना चाहिए।

More Stories
वरिष्ठ नागरिकों के लंबे अनुभव का उपयोग सामाजिक हित में किया जाना चाहिए़: नवीन चंद्र वर्मा
ठंड भी नहीं रोक सकी श्रृद्धालुओं की आस्था के कदम, मौनी अमावस्या पर पवित्र हर की पैड़ी में कर रहे स्नान।
सैनी आश्रम को हड़पने और खुर्द-बुर्द करने की बदनीयत से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पंजीकृत कराई संस्था हुई निरस्त। समाज की धरोहर को किसी भी कीमत पर खुर्द बुर्द नहीं करने दिया जाएगा: मनोज सैनी