सदन से सड़क तक लड़ी जाएगी हरिद्वार का सम्मान की लड़ाई
विधानसभा में चर्चा के दौरान उठे पहाड़ मैदान के मुद्दे को गरमाने की तैयारी
विधायक रवि बहादुर ने किया मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का ऐलान
सुनील मिश्रा
हरिद्वार उत्तराखंड स्थापना के रजत जयंती उत्सव के उपलक्ष में धामी सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र में चर्चा के दौरान उठा पहाड़ मैदान का सवाल अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है। गुरुवार को ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का ऐलान किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक रवि बहादुर ने कहा कि सदन नियमों से चलता है। एजेंडे के अनुसार सदन में राज्य की रजत जयंती पर चर्चा की जानी थी। लेकिन भाजपा विधायकों ने पहाड़ मैदान का विवाद खड़ा कर दिया। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रवि बहादुर ने कहा कि इस मुद्दे को जनता को बीच ले जाया जाएगा और हरिद्वार के सम्मान की लड़ाई सदन से सड़क तक लड़ी जाएगी। हरिद्वार प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाला जिला है। इसके बावजूद हरिद्वार के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। हरिद्वार में मूल निवास के बजाए स्थाई निवास दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्र में कृषि सब्सिडी अधिक तथा मैदानी जिलों में कम है। बिजली दरों में भी अंतर है। भू कानून से मैदानी जिलों को अलग रखा गया। लोगों के विरोध के बाद भी हरिद्वार में शहरों और गांवों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं। रवि बहादुर ने कहा कि बात किसी दल विशेष की नहीं। बल्कि हरिद्वार के सम्मान की है। सदन में जो कुछ हुआ। इससे भाजपा के लोग भी आहत हैं। भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें फोन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के सभी 11 विधायकों को इस मुद्दे को उठाना होगा। वे भाजपा के विधायकों से भी इस संबंध में बात करेंगे और एक प्रदेश एक नियम को मुद्दा बनाकर लोगों के बीच जाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक शर्मा, विभाष मिश्रा, हिमांशु बहुगुणा आदि उपस्थित थे।

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