आशीष मिश्रा
हरिद्वार। नागा सन्यासियों के प्रमुख अखाड़ों में से एक महानिर्वाणी अखाड़े ने हरिद्वार के कुम्भ मेले में बड़ी मिसाल पेश की है। महानिर्वाणी अखाड़े ने राज्य सरकार द्वारा महाकुम्भ के आयोजन के लिए दी जाने वाली एक करोड़ रुपए की कुम्भ सहायता राशि को लेने से इनकार कर दिया है। महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा अपने संसाधनों से है। पेशवाई से लेकर शाही स्नान समेत तमाम धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न कराए जाएंगे।
दरअसल राज्य सरकार द्वारा सभी 13 अखाड़ों को एक- एक करोड़ रुपये की कुम्भ सहायता राशि दी गई है। जिससे वे कुम्भ में अपने और अपने साधु- संत, श्रद्धालुओं के रहन सहन आदि पर खर्च कर सकें। सभी अखाड़ों ने यह राशि प्राप्त भी कर ली और तो और जहां कई अखाड़ों ने इस राशि को बढ़ाने की मांग की है वहीं महानिर्वाणी अखाड़े ने इस राशि को लेने से ही इनकार कर दिया। महानिर्वाणी अखाड़े का तर्क है कि उत्तराखंड सरकार को समय समय पर वे मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से सहायता देते हैं। ऐसे में राज्य सरकार के इस दान को वे स्वीकार नही कर सकते।

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