मनोज सैनी
हरिद्वार। अखाड़ा परिषद के समानांतर आश्रम परिषद बनाने वाले संतो पर श्री पंच दश नाम जूना अखाड़े ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए जूना अखाड़े के दो महामंडलेश्वरों स्वामी जितेंद्र आनंद गिरि तथा महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधा आनंद को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है।
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती ने इन दोनों का निष्कासन करते हुए कहा कि इन दोनों द्वारा प्रदेश सरकार तथा प्रशासन के विरुद्ध भाषा गाली गलौज व अनैतिक शब्दों का प्रयोग करने के कारण जूना अखाड़े से निष्कासित किया किया जाता है। श्री महंत मोहन भारती महाराज ने कहा उनका आचरण सनातन विरोधी है तथा यह कुंभ मेले में व्यवधान करने का प्रयास है। जूनागढ़ के विरुद्ध आचरण है। अखाड़े की मर्यादाओं के विरुद्ध आचरण करने के कारण अखाड़े से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने बताया महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोध आनंद गिरि के विरुद्ध पूर्व में भी कई शिकायतें आई थी जिनमें एक शिकायत उनके विरुद्ध हत्या का अभियोग का भी है जिसकी जांच चल रही है। उन्होंने कहा की इन दोनों महामंडलेश्वरों को तत्काल प्रभाव से जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है।

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