मनोज सैनी
देहरादून। देहरादून में पेड़ बचाने के लिए आज कई संगठनों के पर्यावरण प्रेमी सड़कों पर उतर आए और पर्यावरण हजारों पर्यावरण प्रेमियों ने दिलाराम बाजार से सेंट्रियों मॉल तक पर्यावरण बचाओ पदयात्रा निकली।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि भले ही धामी सरकार ने कैंट रोड व खलंगा में हरे पेड़ काटे जाने पर रोक लगा दी हो लेकिन उससे राजधानी के लोग पर्यावरण को लेकर लोग अभी चिंतित है कि दून में हरे पेड़ों को विकास की भेंट चढ़ने से कैसे रोका जाए?
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि हरियाली को होने वाले नुकसान से देहरादून का तापमान लगातार बढ़ रहा है। यहां के बाग-बगीचे खत्म हो गए और जलस्रोत सूख गए हैं। कहा कि नदी-नालों पर अतिक्रमण हो गया है। सड़कों के चौड़ीकरण के लिए पेड़ों को काटा जा रहा है। सरकार को पेड़ों को काटने से बचाना होगा।
पर्यावरण प्रेमियों का कहना है की दून में डवलपमेंट के नाम पर 31750 पेड़ या तो कट चुके हैं या कटने की कगार पर हैं। इस पहाड़ी इलाके में इस बार तापमान 43 डिग्री तक पहुंचा है तो साल-2030 में क्या होगा?

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