नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से आम आदमी राहत मिल रही है। 28 अक्टूबर को भी लगातार 26वें दिन भी ईंधन के भाव जस के तस बने हुए हैं, लेकिन जल्द ही इसमें महंगाई का झटका लगने वाला है।कोरोना महामारी से उत्पन्न आर्थिक संकट और बाद में राजस्व पर दबाव पड़ने से केंद्र फिर से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा सकता है। खबरों के अनुसार अगर सरकार को कोविड-19 से संबंधित व्यवधानों से लड़ने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुधार पैकेजों को वित्तपोषित करने के लिए अधिक संसाधन की आवश्यकता हुई तो पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 3 से 6 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी जल्द ही हो सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।

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