Apne log news

No.1 news portal of Uttarakhand

प्रेस क्लब, हरिद्वार पर छाया संकट बरकरार, कुछ जिद्दी लोगों के कारण वर्तमान कार्यकाल जीरो की तरफ अग्रसर

मनोज सैनी
हरिद्वार। प्रेस क्लब हरिद्वार में दो बड़ी यूनियनों का गठबंधन टूट जाने के बाद संस्था पर छाया संकट कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। क्लब की सदस्य एक यूनियन के पदाधिकारियों की हठधर्मिता और मनमाना रवैया संस्था पर भारी पड़ रहा है। स्थिति यह है कि संस्था का मौजूदा कार्यकाल अब गतिविधियों के लिहाज से जीरो की तरफ बढ़ता दिख रहा है। करीब 4 महीने पहले प्रेस क्लब में अचानक संकट उस समय गहरा गया था जब एक चर्चित तथाकथित पत्रकार ने प्रेस क्लब के एक पूर्व अध्यक्ष के साथ किसी बात को लेकर अभद्रता कर दी थी। यह मामला इतना गरमा गया कि प्रभावित वरिष्ठ पत्रकार की यूनियन के प्रेस क्लब की कार्यकारणी से 11 सदस्यों ने इस्तीफे दे दिए थे जो अभी तक बरकरार हैं।

दो बार प्रेस क्लब की आधिकारिक बैठकों में नई व्यवस्था दी जा चुकी है लेकिन यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य प्रेस क्लब के निर्णय को मानने को तैयार नहीं हैं। हालांकि जिन वरिष्ठ सदस्य का अपमान किया गया था वह अघोषित रूप से अपनी नाराजगी को भूलकर शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित सम्मान समारोह में प्रेस क्लब आकर सम्मान भी ले चुके हैं लेकिन उनके अपमान का मुद्दा अभी भी बरकरार है। संबंधित उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव अमित कुमार गुप्ता ने एक बार फिर प्रेस क्लब के अध्यक्ष और महामंत्री को पत्र लिखकर अपनी यूनियन की नाराजगी के बारे में अवगत कराया है उनका कहना है कि वरिष्ठ सदस्य के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले प्रेस क्लब के सदस्य पर अभी तक प्रेस क्लब की ओर से दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे यूनियन प्रेस क्लब के निर्णयों को लेकर सहमत नहीं है और कडी दंडात्मक कार्यवाही चाहती है। उन्होंने कार्रवाई किए जाने की मांग प्रेस क्लब के अध्यक्ष और महामंत्री से की है। गौरतलब है कि इस गतिरोध के चलते प्रेस क्लब की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल आधा बीत जाने के बाद भी अभी तक गतिविधियों को रफ्तार नहीं मिल पाई है। प्रेस क्लब से जुड़े कई सदस्यों ने तो इस कार्यकाल को अब जीरो बताना भी शुरू कर दिया है। विशेष बात यह है कि हर साल अधिकतर सदस्यों के आकर्षण का केंद्र बनने वाले दीपावली मिलन समारोह को लेकर भी अभी तक प्रेस क्लब में कोई सुगबुगाहट दिखाई नहीं दे रही है, जिससे उपहारों की चाह रखने वाले सदस्यों में बेचैनी बढ़ने लगी है। इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह रहेगी कि आपसी मनमुटाव बढ़ने के चलते यह संस्था इस बार गहरे संकट की ओर जाती हुई दिखाई दे रही है। इस संबंध में जब श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव अमित गुप्ता से फोन पर वार्ता हुई तो उन्होने बताया कि संस्था किसी भी साथी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। यहां तो फिर भी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष का अपमान किया गया हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि जब तक वरिष्ठ साथी का अपमान करने वाले उस तथाकथित चर्चित पत्रकार को प्रेस क्लब से निष्कासित नहीं किया जाता हमारी यूनियन पीछे नहीं हटेगी।

अधिक पढ़े जाने वाली खबर

Share
error: Content is protected !!