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बेनामी संपत्तियों का बेताज बादशाह: राजनीति से संपत्तियों की बादशाहत की दूसरी व तीसरी किस्त जारी, लोगों का आंकलन भी हुआ फैल, पढिये पूरी खबर

मनोज सैनी
हरिद्वार। हरिद्वार के वरिष्ठ पत्रकार साथी श्री रत्नमणि डोभाल जी को माननीय के ही निकट रहने वाले एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा माननीय की 2002 से खरीदी गई अवैध संपत्तियों की एक लंबी चौड़ी सूची दी गयी थी जिसे पत्रकार साथी श्री रतन मणि डोभाल जी एक एक हर रोज सुबह चाय के साथ अपनी फेसबुक पर जारी कर रहे हैं। जिस भाजपा कार्यकर्ता द्वारा माननीय की अवैध सम्पत्ति की लंबी चौड़ी सूची पत्रकार साथी को दी है उसी भाजपा कार्यकर्ता द्वारा उक्त अवैध सम्पत्ति की सूची जांच हेतु पीएमओ ऑफिस को भी भेजी गई है। लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ईमानदारी का चोला ओढ़े पीएम मोदी जी माननीय द्वारा अवैध रूप से बनाई गई उक्त संपत्तियों की जांच करवायेंगे। वरिष्ठ पत्रकार साथी श्री रत्नमणी डोभाल जी द्वारा अभी तक अपनी फेसबुक पर माननीय की अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों की 3 सूची जारी कर चुके है जो वर्ष 2018 तक कि बताई जा रही है। 2018 के बाद भी अनेकों अवैध संपत्तियां बनाई गई है। नगरवासियों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि माननीय द्वारा 2002 से बनाई गई अवैध संपत्तियों का जो आंकलन उन्होंने किया था वह आंकलन वास्तविक अवैध सम्पत्ति की सूची को देखकर कुछ भी नहीं है।
आज दिनांक 7 अक्टूबर के सुबह सुबह अपने फेसबुक पर अवैध बेनामी संपत्तियों का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार साथी रत्नमणी डोभाल जी लिखते है कि लीजिए चाय के साथ अपडेट हो जाइए।

बेनामी संपत्तियों की बादशाहत जानने को लेकर सबसे अधिक उत्सुकता भाजपा के लोगों को है।
एक नाम सबकी जुबान पर है। मैं उन्हें बता रहा हूं कि प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत में शिकायतकर्ता ने अरबों रुपए की संपत्तियों के बादशाह का नाम तथा जिन लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदी व बेची जा रही हैं उनका तथा किस संपत्ति, होटल में कौन-कौन पार्टनरशिप में है का नाम भी लिखा हुआ है फिर भी मैं किसी का नाम नहीं ले रहा हूं तो आप इतने उतावले क्यों हो रहे हो। कोई जांच करेगा तो नाम भी सामने आ जाएगा।
बादशाहत के पाले हुए कुछ खास मित्र यह भी उलाहना दे रहे हैं कि भाई जी वो वाली तो छूट गई है।
उन्हें समझाना पड़ रहा है कि भाई अभी तो 2018 तक की सूची खत्म नहीं हुई है। आपको इंतजार करना चाहिए। कोई आगे की बना रहा होगा तो एक न एक दिन वह भी सामने आ जाएगी।
एक बात यह समझ में आ रही है कि पूंजीवादी राजनीति में कोई सगा नहीं और अपनों से ही खतरा अधिक रहता है।

लीजिए अपडेट हो जाइए

* बहरहाल बेनामी बादशाहत पर आगे बढ़ते हैं -: कीमत लाख रुपए में।

*खड़खड़ी में दो होटल रुपए 800.00।
*भूपतवाला में हाइवे पर तीन होटल कीमत रुपए क्रमशः 1000.00,2000.00,1500.00।
*बिरला फार्म हरिपुरकलां में 40 बीघा भूमि रुपए 4000.00।
*पेट्रोल पंप रुपए 800.00।
*रानीपुर मोड़ मेन बाजार में शोरूम वाली बिल्डिंग रुपए 2500.00।
*भागीरथी नगर में 4 बीघा भूमि रुपए 400.00।
*चूंनियां वाला बाग लाटो वाली कनखल 12 बीघा ( निरंजनी अखाड़ा ) रुपए 1320.00।
*राजा गार्डन जगजीतपुर कनखल में 40 बीघा भट्टे वाली जमीन रुपए 3200.00।
*नोटबंदी के दौरान राजपुर रोड पड़ वाली संपत्ति रुपए 7500.00।
*इंदु एंक्लेव कनखल में प्लाट रुपए 1800.00।
*रिसोर्ट रायवाला रुपए 500.00।
*पतंजलि योगपीठ के पास 72 बीघा भूमि रुपए 1728.00।
*भगवानपुर इंडस्ट्रीयल एरिया के पास 36 बीघा भूमि रुपए 1008.00।
*पतंजलि के पास पेट्रोल पंप रुपए 400.00।
*थाना भगवानपुर में करीब 150 बीघा भूमि रुपए 1500.00।
*भाऊवाला में हॉस्पिटल रुपए 600.00।
*ट्रर्नर रोड दून में कोठी रुपए 200.00।
*पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के पास 8000 वर्ग फीट का प्लाट रुपए 200.00।
*रुइया धर्मशाला कनखल की कालोनी में लगभग 14 बीघा भूमि रुपए 2200.00।
*सतीघाट कनखल स्थित मंदिर की 8बीघा भूमि रुपए 800.00।
*चंद्रबदनी देहरादून में 22 बीघा भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है रुपए 600.00।
*नोटबंदी होने पर सिडकुल की एक फार्मा कंपनी के कर्मचारियों को अपनी ब्लैकमनी के करोड़ों रुपए से वेतन भुगतान कराया।

जांच होने पर ही सच्चाई सामने आ सकती है। यद्यपि प्रधानमंत्री को भेजे बेनामी संपत्तियों के बेताज बादशाह की संपत्तियों के पुलिंदे में जिल्द बही तथा खरीदने की तारीख सहित पुख्ता विवरण दिया है। सच्चाई जो भी हो लेकिन उसने मेहनत गजब की की है। ऐसा लगता है जैसे संपत्तियों की नपाई के समय फीते का एक कोना उसी ने पकड़ रखा था।

लेखक संपत्तियों की पुष्टि नहीं करता है। शिकायतकर्ता ने जो जांच की मांग प्रधानमंत्री से की है उसका समर्थन करता है।
इससे पूर्व दिनांक 5 व 6 अक्टूबर को भी पत्रकार साथी द्वारा एक बेनामी सम्पत्ति की सूची जारी की गई थी जो इस प्रकार है

 

6 अक्टूबर को जारी सूची

चाय के साथ लीजिए
राजनीति से संपत्तियों की बादशाहत तक की दूसरी किस्त।

संपत्ति का मूल्य लाख में।

*रोशनाबाद सिडकुल में 6000 फीट के 2 प्लाट कीमत रुपए 120.00।
*गली नंबर 2 में दो मंजिला मकान कीमत रुपए 350.00।
*गंगा माता एवं मल्होत्रा फार्म के पास बड़ा भवन कीमत रुपए 500.00।
*सुभाष नगर ज्वालापुर में प्लाट 2000 फीट रुपए 50.00।
*हरिनगर ज्वालापुर में तीन मंजिला मकान रुपए 100.00।
*‌शांतरशाह में 17 बीघा भूमि रुपए 210.00।
*हाइवे मंगलोर टाउन में तीन दुकानों की जगह रुपए 112.00।
*सराय ज्वालापुर में 24 बीघा व्यावसायिक भूमि रुपए 1800.00।
*जगजीतपुर में 80000 वर्ग फीट का प्लाट रुपए 240.00।
*हाइवे मंगलोर टाउन में पक्की दुकान रुपए 50.00।
*हाइवे मंगलोर 2100 वर्ग फीट का व्यावसायिक भूखंड रुपए 300.00।
*मुंबई ठाणे में दो फ्लैट रुपए 400.00।
*रुड़की में प्लाट रुपए 50.00।
*सर्वप्रिया विहार कालोनी में मकान रुपए 175.00।
*रोशनाबाद में प्लाट रुपए 80.00।
*रुड़की रेलवे रोड के पास 2000 फीट का प्लाट रुपए 60.00।
*शिवलोक कालोनी में तीन मंजिला मकान रुपए 200.00।
*लाल मंदिर कालोनी में 4000 वर्ग फीट का प्लाट रुपए 480.00।
*रुड़की में शोरूम के पास 8000 वर्ग फीट का प्लाट रुपए 960.00।
*रोशनाबाद में 11बीघा आवासीय भूमि रुपए 1100.00।
*गांव में अलग-अलग जगह पर 70 बीघा व्यावसायिक भूमि, *कालेज बनाने का प्रक्रिया शुरू रुपए 210.00।
*शिवलोक में 1000 फीट का प्लाट, मकान रुपए 80.00।
*शिवलोक कालोनी के बाहर प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री का कार्यालय रुपए 150.00।
*इंदर एंक्लेव में दो होटल क्रमशः 400.00 एवं 600.00।
*डॉल्फिन होटल के पीछे होटल रुपए 500.00।
*दूधाधारी चौक के पास होटल रुपए 1000.00।
*टीबड़ी फाटक के पास 30000 वर्ग फीट का व्यावसायिक प्लाट रुपए 2000.00।
*रायवाला फाटक से पहले बायीं ओर 1 एकड़ भूमि रुपए 5000.00।
*रायवाला रिसार्ट में शेयर रुपए 500.00।
*सराय में ट्रांसपोर्ट नगर के पास 18 बीघा भूमि रुपए 1720.00।
*पदार्था में 60 बीघा भूमि रुपए 3000.00।
*धनपुरा में 22 बीघा भूमि रुपए 1210.00।

नोट-: लेखक उक्त संपत्तियों के विवरण की कतई पुष्टि नहीं करता है। लेकिन जिस कार्यकर्ता ने बेनामी संपत्तियों की बादशाहत तैयार कर पीएम को भेजी है तो उसकी जांच होनी ही चाहिए।

5 अक्टूबर को जारी सूची

करोड़ों की बेनामी संपत्तियों का बादशाह
गांव में एक पुश्तैनी मकान, 1.37 बीघा जमीन जिसकी कीमत 1997 से पहले तक कुल 85 लाख रुपए थी का मालिक गांव से शहर आता है। धर्मनगरी की राजनीति में कदम रखता है। देखते- देखते करोड़ों-करोड़ रुपए की बेनामी संपत्तियों का बेजोड़ बादशाह बन जाता है।

बेनामी संपत्तियां और कीमत लाख में.

*हरि नगर ज्वालापुर में बेसमेंट के साथ तीन मंजिला कॉपलेक्स रुपए 600.00।
*खन्ना नगर में आवासीय प्लाट- मकान 24 वर्ग फीट रुपए 250.00।
*ज्वालापुर में प्लाट रुपए 80. 00।
*मलकपुर ललितपुर में 11000 वर्ग फीट व्यवसायिक भूमि रुपए 1100.00।
*पतंजलि शांतरशाह मेन रोड पर 32000 वर्ग फुट भूमि रुपए 480.00
*पतंजलि शांतरशाह मेन रोड पर 4400 वर्ग फुट भूमि रुपए 150.00।
*मेन रोड खन्ना नगर में प्लॉट 1200 वर्ग फिट रुपए 120.00।
खन्ना नगर मेन रोड पर दुकान रुपए 50.00।
*मक्खनपुर में व्यवसायिक भूमि 0. 1366 हेक्टेयर रुपए 200.00।
*कानपुर में कृषि भूमि लगभग 40 बीघा रुपए 600.00।
*हरिद्वार मेन रोड पर व्यवसायिक शोरूम रुपए 800.00।
*छुटमलपुर उत्तर प्रदेश में व्यवसायिक भूखंड 18000 फीट रुपए 1800.00।
*छुटमलपुर में रिहाइश भूखंड 7000 फीट रुपए 175 .00।
*सहारनपुर उत्तर प्रदेश में प्लॉट 2500 वर्ग फीट 100.00।
*बिहारीगढ़ में लगभग 72 बीघा भूमि रुपए 1008. 00।
*चुनिया वाला बाघ वाली कनखल में 12 बीघा भूमि रुपए 1800.00।
*नया हरिद्वार में रोड पर दो व्यावसायिक शोरूम एक का क्षेत्रफल 227.93 वर्ग फीट दोनों की कीमत रुपए 400.00।
*सहारनपुर उत्तर प्रदेश में मकान रुपए 70.00।
*पांडे वाला ज्वालापुर में 5519 वर्ग फिट का प्लाट रुपए 110.00।
*पांडे वाला ज्वालापुर में 23887 वर्ग फिट का प्लॉट रुपए 475.00।
*भूपतवाला में 55 वर्ग फीट का विराट रुपए 165.00।
*सुभाष नगर ज्वालापुर में पीएसी के पास लगभग 15000 वर्ग फीट प्लाट रुपए 300.00।
*भूपतवाला में शांतिकुंज के पास मेन रोड पर 5500 वर्ग फुट का प्लाट रुपए 550.00।
*दौलतपुर के पास 18 बीघा भूमि रुपए 720.00।
*पांडे वाला चोर गली ज्वालापुर में 8000 वर्ग फुट का प्लाट रुपए 200.00।
*पांडे वाला ज्वालापुर में 4460 वर्ग फुट का प्लाट रुपए 112.00।
*सुभाष नगर में 3500 वर्ग फिट का प्लॉट रुपए 85.00।
*पांडे वाला ज्वालापुर में 4390 पर वर्ग फिट का प्लाट रुपए 88.00।
*पांडे वाला ज्वालापुर में 4200 वर्ग फुट का प्लाट रुपए 105.00।
* पांडे वाला ज्वालापुर में 5520 वर्ग फुट का प्लाट रुपए 110.00।
*पांडे वाला ज्वालापुर में 3960 वर्ग फीट का प्लाट 100.00।

इस प्रकार लगभग 10000 करोड़ रुपए मूल्य से अधिक की 28 बेनामी संपत्तियों की बादशाहत की फेहरिस्त नाम तथा खरीदने की तारीखों के साथ एक सितंबर 2018 को 18 पृष्ठ का पुलिंदा एक भक्त ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भेजी थी।इस उम्मीद कि विदेशों से काला धन लाने वाले प्रधानमंत्री बेनामी संपत्तियों की राजनीतिक बादशाहत की जांच कराकर बेनकाब करेंगे। कई महीनों तक बेनामी संपत्तियों का रिकॉर्ड जुटाने वाले भक्त ने प्रधानमंत्री को लिखा था कि उसकी हत्या भी हो सकती है, फिर भी वह देश हित में जान की परवाह न कर बेनामी संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड जांच कराने के लिए भेज रहा है। सबसे अधिक बेनामी संपत्तियां उत्तराखण्ड राज्य बनने के बाद बनाई गई हैं लेकिन कुछ भी नहीं होने वह निराश हैं।
हालांकि मैं इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं कर सकता हूं लेकिन जांच कराने की उसकी मांग का समर्थन करता हूं।
रतनमणी डोभाल

अब आप खुद अंदाजा लगाइये की हरिद्वार का विकास माननीय के विकास के सामने कहाँ खड़ा है? और ईमानदारी का चोला ओढ़कर देश की जनता को न खाऊंगा न खाने दूंगा का जुमला गढ़ने वाले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री क्या माननीय की बेनामी सम्पत्ति की जांच करवायेंगे?

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