मनोज सैनी
देहरादून। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वर्तमान मुख्यमंत्री टीएसआर को रैंणी तपोवन त्रासदी पर घेरते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा है कि माननीय #मुख्यमंत्री जी, #रैणी_तपोवन_त्रासदी को लेकर उठ रहे कुछ सवालों पर आप इतना गुस्सा क्यों हो रहे हैं? 2013 की आपदा से सबक लेकर हमने #त्रासदी स्थल पर पहुंचने में विलंब नहीं किया, एक सबक सही दिशा में लिया गया। मैंने उसका उल्लेख भी किया, लेकिन आवश्यक मशीनरी जिसमें पानी और कीचड़ को पंप आउट करने के ऐसे बड़े फ्लैप पंप, डीलिंग मशीनें और शक्तिशाली जेसीबी मशीनें आदि पहुंचने में हुआ विलंब हमारे चुप रहने से छुप नहीं सकता है। उसी प्रकार #NTPC प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान, बचाव दलों के पास नहीं था यह तथ्य उजागर हो चुका है, #ग्लेशियरों के व्यवहार पर नजर रखना या पॉवर प्रोजेक्ट्स का सेफ्टी ऑडिट लगातार होता रहे और ऐसा नहीं हो रहा है, इसको अस्वीकार नहीं किया जा सकता, फिर क्यों #केदारनाथ का उदाहरण दे रहे हैं? केदारनाथ में जो कुछ हमने, हमारी #सरकार ने किया यह उसी का परिणाम है कि देश के #प्रधानमंत्री जी को ध्यान लगाने के लिये वहां गुफा मिल गई। आज केदारनाथ में जो भी बचाव और पुनर्निर्माण के कार्य हुये हैं, सब पर 2014-15 व 2016 की मुहर लगी हुई है और यदि प्रारंभिक 3 दिन सरकार सोती रही तो अब उस सरकार के मुख्यमंत्री आप ही की पार्टी में शोभायमान हैं, आपका गौरव बढ़ा रहे हैं, इतना भर सवाल पूछने के लिए #मीडिया का सहारा क्यों लेना पड़ा आपको? आप अपने घर में पूछ लेते न कि भाई साहब 3 दिन आप कहां सोते रह गये? और हमको भी उत्तर बता देते। हम विपक्ष हैं, यदि कमियां होंगी तो उनको इंगित करना हमारा #विपक्ष धर्म है, मैंने उसी धर्म का पालन किया है।

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