आदेश सैनी
रुड़की। नगर निगम रूड़की के वार्ड नं0 23 सलेमपुर राजपूताना में खसरा नं 1504 के तालाब की अवैध रूप से खुदाई करने एवं सरकारी मिट्टी बेचने के मामले में नया मोड़ आ रहा है। एक पुरानी कहावत है तू चोर मै सिपाही। यहाँ भी ऐसा ही हो रहा है। पहले तो फरवरी मार्च महीनों में बिना किसी परमिशन टैंडर के अवैध रूप से तालाब की खुदाई करते हुए रोजाना लाखों रुपए की मिट्टी बेचने वाले स्थानीय पार्षद अपने चाचा के साथ पैसा बटोरने में मस्त हो गये थे और नगर निगम की मिलीभगत से सारे नियम कानून अपनी जेब में रखते हुए कहते थे कि हमारे पास सौन्दर्यकरण का ठेका है जिसे लेकर क्षेत्र के लोगों ने मार्च महीने में ही शिकायतें करना शुरू कर दिया था लेकिन किसी भी अधिकारी ने करोड़ों रुपये के अवैध खनन पर कोई भी कारयवाही नहीं की। अब माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जांच करने वाले अधिकारियों को अब नगर निगम द्वारा मौके पर साक्ष्य मिटाकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि रूड़की तहसील प्रशासन टीम की ओर से जांच में 3600 घन मीटर मिट्टी चोरी पकड़ी गई है और जिलाधिकारी, हरिद्वार द्वारा नगर निगम रूड़की को 21 लाख रुपये का एक नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद नगर निगम की ओर से कोतवाली गंगनहर रूड़की में एक तहरीर दी गई है कि तालाब की मिट्टी चोरी हो गई है। 3 महीने बाद करोड़ों रुपये की मिट्टी चोरी करवाने और तालाब में पानी छोडने के बाद अपने ऐब छुपाने के लिए इतना बड़ा खेल खेला जा रहा है। जीरो टॉलरेंस की सरकार भी मौन क्यों है? अब देखना है कि इमानदार आदमी कितना भ्रष्टाचार करता है और माननीय उच्च न्यायालय में क्या रिपोर्ट देते हैं। दिलचस्प बात ये है कि मामले में याचिकाकर्ता को भी गुमराह किया जा रहा है।

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