मनोज सैनी
मंगलौर। जान से मारने की नियत गोली चला कर घायल करने वाले आरोपी को मंगलौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा व शौकर रॉड भी बरामद कर ली है।
प्रभारी निरीक्षक मंगलौर, राजीव रौथाड़ ने बताया कि 27 जून को अनिल पुत्र प्रीतम सिंह निवासी हथियाथल थाना कोतवाली मंगलौर जिला हरिद्वार ने खुद के भाई प्रदीप पर जान से मारने की नियत से गोली चलाने के संबंध में थाना कोतवाली मंगलौर पर मु0 अ0 सं0 578/22 धारा 307 आईपीसी बनाम ऋषभ पुत्र राजकुमार निवासी हथियाथल पंजीकृत कराया गया। घटना के अनावरण हेतु विभिन्न टीमों का गठन किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त ऋषभ उपरोक्त का भाई शेखर का नाम भी प्रकाश में आया जो कि आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है। दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु ताबड़तोड़ दबिश दी गई। परंतु अभियुक्त लगातार फरार चल रहे थे। 29 जून को वरिष्ठ उप निरीक्षक कोतवाली मंगलौर रफत अली के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना प्राप्त हुई थी कि मुख्य आरोपी का भाई शेखर इस समय तशीपुर बारात घर खंडहर में छुपा हुआ है। मुखबिर के बताए अनुसार तुरंत मौके पर पहुंचने पर एक व्यक्ति शेखर पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम हथियाथल कोतवाली मंगलौर हरिद्वार को एक अवैध तमंचा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। जिस संबंध अभियुक्त विरुद्ध मु0अ0सं0 582/22 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट पंजीकृत किया गया अभियुक्त शातिर किस्म का अपराधी है।

पूछताछ में अभियुक्त शेखर पुत्र राजकुमार ने बताया कि वह पहले वह स्मैक पीता था लेकिन अब उसके घर वालों ने उसका इलाज कराया और वह रिहैब सेंटर में रहकर आया है। उसे कभी-कभी दौरे भी पड़ जाते हैं। 27 जून की दोपहर के समय उसका भाई ऋषभ उसके पास आया और उसने कहा कि प्रदीप उसे मां बहन की गंदी गंदी गाली दे रहा है। उसका दिमाग सही करना है। इस बात पर उसे भी गुस्सा आ गया। उसने कहा ठीक है। उसने बताया कि शाम के समय लगभग 7:45 बजे प्रदीप ताशीपुर की तरफ से मोटरसाइकिल पर आ रहा था। उसके साथ एक गांव का लड़का भी बैठा था तो ऋषभ और उसने उसकी मोटरसाइकिल रुकवा दी तथा उसके साथ जो लड़का बैठा था उसे जाने को कह दिया। वहां पर भी प्रदीप उसे तथा उसके भाई को गाली देने लगा। जिस पर उसे गुस्सा आ गया। फिर दोनों भाइयों ने सोचा कि आज उसका काम तमाम कर देते हैं। उसने बताया कि उसके हाथ में पहले से ही शौकर रोड थी और उसने उससे उसके ऊपर हमला किया तथा उसके भाई ऋषभ ने प्रदीप के ऊपर फायर किया उसके बाद हम दोनों वहां से गांव की तरफ भाग गए। गोली की आवाज सुनकर गांव के कुछ लोग वहां पर पहुंच गए थे उसके बाद हमें पता चला कि पुलिस हमें तलाश कर रही थी तो मेरा भाई ऋषभ यह कहकर चला गया कि तुम भी भाग जाओ। नहीं तो पुलिस पकड़ लेगी मुझे नहीं पता मेरा भाई कहां गया है मैं गांव के बाहर ही ताशीपुर में पुराने बरात घर में छुप गया तथा मौका देख कर अपने रिश्तेदार के यहां चला जाता था। उसने बताया कि जो तमंचा उसके पास से पकड़ा है वह उसने अपनी सुरक्षा के लिए रख रखा था क्योंकि प्रदीप झीमर जाति से संबंध रखता है और गांव में यह बहुत अधिक संख्या में तथा उसे पता चला है वह भी हमारी भी तलाश कर रहे हैं। उसने बताया कि उसके हाथ में जो लोहे की शोकर वाली रोड थी वह उसने हथियाथल गांव से थीथकी की तरफ जाते हुए झाड़ियों में छुपा दी थी। अभियुक्त को पकड़ने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाड़, वरिष्ठ उपनिरीक्षक रफत अली, उप निरीक्षक श्री उमेश कुमार, कॉन्स्टेबल विनोद डोभाल, संजय शामिल थे।

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