मनोज सैनी
हरिद्वार। कुम्भ 2021 में बना अस्थायी अस्पताल जिस पर कुम्भ निधि से करोड़ों रुपये खर्च किये गए थे और कुम्भ समाप्ति के बाद उस अस्पताल को कोरोना के खिलाफ जंग में हरिद्वार का सबसे मुख्य बेस हॉस्पिटल बनाया गया जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और बाबा रामदेव ने मिलकर किया था देर सांय आंधी और तेज हवाओं के कारण पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बतातें चलें कि पिछले दिनों हुई बारिश में भी बेस अस्पताल में जलभराव की स्थिति हो गई थी। उसके बाद देर सांय आए आंधी तूफान के कारण पूरे अस्पताल की स्थिति बहुत ही खराब हो गई है। आंधी, तूफान से बेस अस्पताल की सीलिंग के परखच्चे उड़ गए। गनीमत यह रही कि अंदर कोई मरीज नहीं था। एक महिला कौने में पड़ी थी। उसको जीडी में भेज दिया गया है। सोचिये यदि वहां कोरोना मरीज भर्ती होते तो क्या स्थिति ही सकती थी। इसके साथ रामदेव के साथ सरकार द्वारा खोला गया संयुक्त कोविड केयर सेंटर भी बंद हुआ समझो। पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने बारिश के साथ तेज हवा में मौके पर पहुंचकर स्थिति को देखा और कोई मरीज नहीं होने पर राहत की सांस ली। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने क्षतिग्रस्त अस्पताल के बारे में अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी।

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