ब्यूरो
हरिद्वार। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने उत्तराखंड सरकार के बजट को खोखला, दिशाहीन और शब्दों व आंकड़ों की बाजीगरी बताया। प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान आलोक शर्मा ने कहा कि बजट में हरिद्वार जिले की पूरी तरह उपेक्षा की गयी है लेकिन भाजपा हरिद्वार के जनप्रतिनिधि आंख, नाक और कान बंद करके बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बजट पूरी तरह खोखला और झूठ का पुलिंदा है। बजट में आंकड़ो की बाजीगरी की गयी है। बजट में उत्तराखंड की सारी समस्याएं गायब नजर आती है।
बजट से रोजगार सृजन बिल्कुल नहीं होगा। कानून व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। गरीबों, अल्पसंख्यकों, एससी, एसटी की पूरी तरह उपेक्षा की गयी है। बजट से महंगाई किस तरह कम होगी, यह भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए। हाल ही में गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए हैं। ऐसे में क्या इस बजट के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या पलायन है, लेकिन सरकार ने इसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत केवल 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 1 लाख 11 हजार करोड़ के बजट में बेहद कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा के लिए भी बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में तेंदुए, भालू और हाथियों से लोगों को लगातार खतरा बना रहता है। आलोक शर्मा ने कहा कि सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी योजना के लिए मात्र पांच करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने एससी-एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने, पेंशन में वृद्धि करने और मनरेगा के अतिरिक्त 700 करोड़ रुपये के भार को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि बजट पूरी तरह दिशाहीन है और इसमें राज्य के विकास की स्पष्ट तस्वीर नजर नहीं आती। प्रेस वार्ता में कांग्रेसी नेता सोम त्यागी, मनोज सैनी, संजय सैनी, गौरव चौहान आदि मौजूद रहे।

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