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गोल्ड लोन के गहने चोरी होने पर यूको बैंक ने किया ₹ 14.18 लाख का भुगतान।

गोल्ड लोन को गिरवी रखे सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश।

आभूषण लौटाने में असमर्थ होने पर भी जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर ने दिया था यूको बैंक को गहनों का मूल्य मय ब्याज भुगतान का आदेश।

ब्यूरो

काशीपुर। बैंक में गोल्ड लोन के लिये गिरवी रखे गये सोने के गहनों की चोरी होने पर यूको बैंक ने रू0 14 लाख 18 हजार 776 का भुगतान किया है। बैंक द्वारा इस धनराशि का दो उपभोक्ताओं शीतल अग्रवाल व पंकज कुमार के नाम के बने बैंक ड्राफ्ट उसे देने के लिये जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर में जमा करा दिये हैं।
जसपुर निवासी दो उपभोक्ताओं शीतल अग्रवाल व पंकज कुमार की ओर से काशीपुर निवासी अधिवक्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर में दो परिवाद दायर करके कहा गया था कि शीतल अग्रवाल व पंकज कुमार ने यूको बैंक के विज्ञापन तथा उसके अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा गोल्ड लोन की बतायी आकर्षक विशेषताओं तथा गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा पर विश्वास करके अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता होने पर अपने स्वर्ण आभूषण यूको बैंक की जसपुर शाखा में गिरवी रखकर क्रमंश: 3.22 लाख तथा रू. दो लाख का गोल्ड लोन लिये गये। इन लोन को क्रमंशः रू. 398000 तथा 231450 का ब्याज सहित भुगतान कर दिया गया। 2023 में उन्हंे अपने आभूषणों की आवश्यकता होने पर गिरवी रखे गये आभूषणों को वापस लौटाने की लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर मांग की लेकिन बैंक के द्वारा न तो इन्हें वापस किया गया और न ही इसका वैध कारण बताया गया। इस पर परिवादियों ने अपने अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से कानूनी नोटिस भिजवाया गया जिसका भी कोई उत्तर नहीं दिया गया और न ही आभूषणों को वापस किया गया। इस पर आयोग में परिवाद दायर करके बैंक में गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषण वापस दिलवाने तथा उपभोक्ता सेवा में कमी से हुये नुकसान का मुआवजा दिलवाने की आयोग से प्रार्थना की गयी।
बैंक की ओर से बैंक शाखा में दिनांक 11-07-2018 को बैंक के चपरासी दुश्यंत कुमार द्वारा चोरी करने तथा इसे निलम्बित करने व मामले में एफ.आई.आर. व आरोप पत्र दाखिल होने का कथन किया गया तथा चोरी की घटना की जानकारी परिवादियों को टेलीफोन पर देने व बैंक द्वारा समझौते के तौर रू. क्रमंशः 435663 तथा 2,86,087 रूपये मुआवजा स्वीकार कराने का समझौता पत्र डाक से भेजने का कथन किया गया तथा किसी उपभोक्ता सेवा में कमी करने से इंकार किया गया व परिवाद निरस्त करने की प्रार्थना की गयी।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे सदस्य नवीन चन्द्र चंदौला तथा सदस्या डाॅ0 मनीला ने परिवादियो के अधिवक्ता नदीम उद्दीन तथा बैंक के अधिवक्ता के तर्कों को सुना और परिवादियो के ऋण हेतु गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषणों को वापस न करने तथा इसे सुरक्षित न रखने को सेवा में कमी माना। जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय से 45 दिन के अंदर गिरवी रखे गये सोने के आभूषण यदि चोरी के उपरान्त बैंक को प्राप्त हो गये है तो उन्हेें ज्यों का त्यों परिवादियो को वापस करें और यदि उक्त स्वर्ण आभूषणों कों वापस करने में असमर्थ रहते है तो इस स्थिति में लोन समाप्ति की तिथि को गोल्ड की मार्केट वैल्यु के अनुसार धनराशि मय 6 प्रतिशत साधारण ब्याज जो इसी दिनांक से अदायगी तक देय होगा परिवादियो को करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त दोनों उपभोक्ताओं को 5-5 हजार रूपये मानसिक क्षति का मुआवजा तथा रू. 2-2 हजार वाद व्यय भुगतान का भी आदेश दिनांक 07 अगस्त 2026 को दिया।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे ने अपने पत्रांक 198 दिनांक 21 सितम्बर 2026 से श्रीमति शीतल अग्रवाल को सूचित किया है कि यूको बैंक ने परिवाद संख्या 105/2025 के आदेश के अनुपालन में डिमाण्ड ड्राफ्ट संख्या 013558 वास्ते रू. 9,49,534 तथा पत्रांक 199 से पंकज कुमार को सूचित किया है कि परिवाद संख्या 106/2023 के आदेश के पालन में 4,69,242 का डिमाण्ड ड्राफ्ट संख्या 013559 आयोग में जमा करा दिया है। जिसे वह कभी भी नियमानुसार प्राप्त कर सकते हैं।

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