सुरेन्द्र शर्मा
हरिद्वार। चेक बाउंस के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार यादव ने हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज की संचालिका कुमकुम मित्तल को दोषी करार दिया है। कोर ने संचालिका कुमकुम मित्तल को छह माह के कारावास व चार लाख 21 हजार रूपये के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं, मामले में सह-आरोपी बनाए गए फर्म के प्रोपराइटर मनीष मित्तल को दोषमुक्त कर दिया गया है।
मंगल शक्ति इंटरनेशनल’ श्यामपुर फर्म की प्रोपराइटर प्रभा निरौला ने आरोपी हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज निकट सीतापुर रेलवे क्रॉसिंग ज्वालापुर,मनीष मित्तल प्रोपराइटर हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज निकट सीतापुर रेलवे क्रॉसिंग ज्वालापुर संचालिका कुमकुम संचालिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दी गई शिकायत में शिकायतकर्ता महिला प्रभा निरौला ने बताया था कि उनकी फर्म अगरबत्ती निर्माण का कार्य करती है। कच्चा माल मंगाने के लिए आरोपी कंपनी व मालिक को एडवांस के रूप में कुल तीन लाख 64 हजार 435 रूपये के तीन चेक दिए गए थे और जिनका भुगतान इन्हें को प्राप्त हो गया था। तय समय तक कच्चा माल न मिलने और बाद में भेजे गए माल में से 40% सामग्री खराब निकलने पर माल उसे वापस कर दिया गया। बची हुई शेष धनराशि तीन लाख 21 हजार 329 रूपये लौटाने के लिए एक चेक दिया था। जब शिकायतकर्ता महिला ने उक्त चेक को भुगतान के लिए अपने बैंक खाते में लगाया,तो बैंक ने ‘फंड्स अपर्याप्त की टिप्पणी के साथ चेक को वापस कर दिया था। तय अवधि में भुगतान नहीं होने पर शिकायतकर्ता महिला ने कंपनी व उसके मालिक को कानूनी नोटिस भेजा नोटिस।नोटिस मिलने के बाद भी कंपनी व उसके मालिक संचालिका ने कोई संतोषजनक जवाब नही दिया था। साथ ही,कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद फर्म ‘हिमालयन अरोमा इंडस्ट्रीज व फर्म संचालिका कुमकुम मित्तल को जुर्माने की राशि में से 4 लाख 10 हजार रूपये की धनराशि एक माह के भीतर शिकायतकर्ता महिला को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए हैं,जबकि शेष 11 हजार रुपये धनराशि राजकीय कोष में जमा करने के लिए कहा है। जुर्माना राशि ना चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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