सुनील मिश्रा
हरिद्वार। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री श्रीकांत वशिष्ठ ने उत्तराखंड सरकार व मेला प्रशासन से जारी एसओपी में अस्थि प्रवाह व कर्मकांड को लेकर व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होने कहा कि मृतक के परिवार मे 72 घंटे की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट व्यवहारिक नहीं है। वशिष्ठ ने कहा कि पूर्व मे कॊरोना लोकडाउन में भी अस्थि विसर्जन व पिंडदान पर दो लोगो को समय निर्धारण मे घाट पर आने की अनुमति दी गई थी। उसे इस समय में भी लागू करने की मांग पर कॉरोना नियमों के आधार पर सावधानी बरतते हुवे प्रशासन को विचार करना चाहिए। उन्होने कहा कि देश में खबरें जाने से यात्रीगणॊ के भय मे आने से तीर्थ के पुरोहितॊ, पुजारीयो, कर्मकांड करने वाले हज़ारों लोगो के सामने रोजी रोटी का संकट आ सकता है। इसलिये महासभा की मांग पर प्रशासन को पुनः विचार कर गाइड लाइन में कुछ संशोधन करनी चाहिए।

More Stories
बीएचईएल हरिद्वार में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ।
अभिनेत्री उर्मिला सनावर को रानीपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार।
देश की आजादी और जागरूकता में पत्रकारिता की अहम भूमिका: बत्रा