मनोज सैनी
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या, साक्ष्य मिटाने, छेड़छाड़ और अनैतिक देह व्यापार से जुड़े आरोपों में दोषियों को अलग-अलग सजाएं दी हैं, लेकिन सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। वही फैसला आने के बाद माता-पिता नाखुश नजर आए और तीनों हत्यारों को फांसी की सजा हो इसके लिए आगे अदालती प्रक्रिया का रुख अख्तियार करेंगे। अदालत ने साफ कहा कि तीनों ने मिलकर न केवल एक निर्दोष लड़की की हत्या की, बल्कि उस अपराध को छिपाने की भी कोशिश की।
बता दें कि अंकिता भंडारी वनंत्रा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। उनसे अनैतिक कार्य करवाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसका विरोध करने पर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। उन्हें ऋषिकेश के पास चिल्ला नहर में धक्का देकर मार डाला गया था।
कोर्ट के फैसले पर अंकिता भंडारी की मां ने कहा, मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूं, मैं नहीं चाहती हूं कि जो मेरी बेटी के साथ हुआ है, वह किसी और की बेटी के साथ हो। इसलिए मैं हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग करती हूं…। मैं जब तक इन्हें फांसी के फंदे पर नहीं देखूंगी तब तक संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है। अदालत के फैसले पर अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि, जिस तरीके से उन्होंने मेरी बेटी को मारा है, तो मैं शुरू से ही मौत के बदले मौत की मांग करता हूं…। उन्होंने कहा कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाने चाहिये।

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