ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि 2000 रुपये का नोट चलन से वापस लिया जाएगा लेकिन बड़ी बात ये है नोट की वैधता खत्म नहीं होने वाली है। आरबीआई ने कहा है कि बस अब आगे 2000 रुपये के नोट नहीं छापे जाएंगे। जारी बयान में आरबीआई ने कहा है कि 2000 रुपये का नोट लीगल टेंडर रहेगा, सिर्फ इसे सर्कुलेशन से बाहर किया जा रहा है।
ये भी जानकारी दी गई है कि जिन भी लोगों के पास 2000 रुपये के नोट हैं, वे बड़े ही आराम से 30 सितंबर तक उन्हें वापस कर सकते हैं, यानी कि चिंता की कोई बात नहीं है और 2000 रुपये के नोट अभी लीगल टेंडर रहने वाले हैं। आरबीआई ने बताया है कि क्लीन नोट पॉलिसी के तहत उसने 2000 रुपये का नोट सर्कुलेशन से वापस लिया है। वैसे जो फैसला लिया गया है, उसकी अटकलें लंबे समय से लग रही हैं। असल में आरबीआई की जो वार्षिक रिपोर्ट सामने आई थी, उसमें बताया गया था कि वित्त वर्ष 2021-22 में 2000 रुपये का एक भी नोट नहीं छापा गया था, यानी कि सर्कुलेशन तो पहले ही कम कर दिया था।
पाठकों को जानकारी के लिए बता दें कि मोदी सरकार ने साल 2016 में बड़ा फैसला लेते हुए नोटबंदी का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला लिया था। उस समय फोटो 2000 रुपये के नोट को भी चलन में लाया गया था, तर्क दिया गया था कि जिन नोटों को चलन से बाहर किया गया, उसकी भरपाई ये बड़ा नोट कर देगा। लेकिन पिछले कुछ सालों में 2000 रुपये नोट का सर्कुलेशन भी बाजार में कम हो गया था।

More Stories
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी: रागिनी नायक
दशहरा पर्व को लेकर हरिद्वार पुलिस का यातायात डायवर्जन प्लान जारी।
उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध।