विधि संवाददाता
हरिद्वार। उधार ली गई धनराशि वापिस ना लौटाने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी त्रिलोक रतूड़ी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे चार महीने के कारावास व छह लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। भूपतवाला निवासी शिकायतकर्ता प्रदीप पाण्डेय ने आरोपी त्रिलोक रतूड़ी पुत्र जीतराम रतूड़ी निवासी गढ़वाली बस्ती, सहसपुर, देहरादून, हाल पता खड़खड़ी, हरिद्वार के खिलाफ एक चेक बाउंस की शिकायत कोर्ट में दर्ज कराई थी।
बताया था कि शिकायतकर्ता व आरोपी की एक दूसरे से पुरानी जान पहचान थी। जिसपर आरोपी ने अपनी निजी आवश्यकता व मकान बनाने की बात कहकर शिकायतकर्ता से साढ़े पांच लाख रुपये उधार लिए थे। साथ ही, धनराशि के वापिस लौटाने के लिए आरोपी ने अपने बैंक खाते का एक चेक हस्ताक्षर करके शिकायतकर्ता को दिया था। तय अवधि बीतने पर शिकायतकर्ता ने उक्त चेक को भुगतान के लिए अपने बैंक में जमा कराया तो बैंक ने आरोपी के खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के नोट के साथ चेक वापस लौटा दिया था।शिकायतकर्ता के कानूनी नोटिस भिजवाने के बाद भी आरोपी ने उधार ली गई रकम वापस नहीं की थी। थक हारकर शिकायतकर्ता ने कोर्ट की शरण ली थी। अर्थदंड की धनराशि में से पांच लाख,95 हजार रुपये शिकायतकर्ता को बतौर प्रतिकर राशि अदा करने व शेष पांच हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा करने के आदेश दिए हैं।

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