मिठाई विक्रेता का चालान, दो प्रतिष्ठानों से लड्डू व गुलाब जामुन के नमूने जांच के लिए भेजे गए।
मनोज सैनी
हरिद्वार। आगामी रक्षा बंधन त्यौहार के दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य संरक्षण एवं औषधि प्रशासन हरिद्वार के अभिहित अधिकारी /सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी के नेतृत्व ने हरिद्वार जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम के साथ खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरियों एवं मिष्ठान विक्रेताओं का औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान मिठाई विक्रेताओं, ढाबों एवं निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की गई। मौके पर खुला मावा एवं खुला मिठाई घेवर सहित कुल 02 विधिक नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु संग्रहित किया गया।एक मिष्ठान विक्रेता को निर्माण स्थल एवं संग्रह स्थल पर मिठाइयों को अखबार द्वारा ढकने के कारण तथा एक अन्य मिष्ठान विक्रेता को पंजीकरण का नियत समयावधि में नवीकरण नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया।कार्यवाही के दौरान अन्य मिष्ठान एवं खाद्य कारोबारीकर्ताओं द्वारा अपनी दुकानें बंद करने के कारण कार्यवाही संभव नहीं हो सकी।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा ने कनखल स्थित एक डेयरी से मिलावट के संदेह के आधार पर पनीर के दो नमूने जांच हेतु संग्रहित किया, जिनमें एक खुला पनीर तथा एवं पंचगांव ब्रांड का हरियाणा स्थित निर्माता द्वारा निर्मित पैकेट पनीर का नमूना लिया गया।एक ग्राहक की शिकायत पर जगजीतपुर स्थित एक रेस्टोरेंट का बिना खाद्य पंजीकरण एवं अस्वच्छकारी एवं अस्वास्थ्यकारी दशाओं में खाद्य व्यवसाय संचालित करने पर चलानी कार्यवाही की गई,इसके अतिरिक्त भूपतवाला बाग स्थित एक निर्माण इकाई को बिना खाद्य पंजीकरण के खाद्य सामग्री का निर्माण करने पर चालानी कार्यवाही की गई।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा ने उक्त रेस्टोरेंट एवं विनिर्माण इकाई को खाद्य पंजीकरण प्राप्त करने तक समस्त खाद्य व्यवसाय बंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन एवं जन्माष्टमी त्यौहार तक अभियान निरंतर जारी रहेगा।

More Stories
कांग्रेसजनों ने जयंती पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व0 राजीव गांधी के ऐतिहासिक कामों के साथ किया याद।
चोरी करने वाले गैंग सदस्य को दो वर्ष की कैद, जुर्माना भी लगाया।
ईद-ए-मिलाद-उल-नबी पर जनपद में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती।