ब्यूरो
उत्तराखंड में कानून व्यवस्था के हालात इतने खराब हो चुके हैं की डकैत, चोर लुटेरे और अब तो लकड़ी माफिया भी लकड़ी चोरी करने के लिए खुलेआम गोलियां चलाने लगे है। हमेशा शांत रहने वाले उत्तराखंड के जंगल भी अब गोलियों की गडगड़ाहट से गूंज उठे है। मामला उधमसिंहनगर के जंगलों में वनकर्मियों और लकड़ी माफियाओं के बीच हुई इस मुठभेड़ में रेंजर समेत चार घायल हुए है। लकड़ी माफियाओं को भागना पड़ा। घटना 6 सितंबर की है जहां वन तस्कर और वन कर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में रेंजर सहित चार वनकर्मी को गोली लगी। घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान मौका पाकर वन तस्कर फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक वनकर्मियों की टीम गश्त पर निकली हुई थी। तभी तराई केंद्रीय वन प्रभाग की पीपल पड़ाव रेंज में वन विभाग की टीम का सामना लकड़ी तस्करों से हो गया। लकड़ी तस्करों ने वनकर्मियों को देखते ही उन पर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में रेंजर रूपनारायण गौतम समेत दो अन्य वनकर्मियों को गोली लगी। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर वनकर्मी बाइक पर फरार हो गए। मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग के आलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान टीम ने वन तस्कर की एक बाइक और पेड़ काटने का हथियार जब्त किए। साथ ही घायल रेंजर और वनकर्मियों को हॉस्पिटल भिजवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायल कर्मचारियों की हालत स्थित है। वन विभाग की टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

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