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गोल्ड लोन के लिए गिरवी रखे सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दिया यूको बैंक को आदेश।

बैंक में गिरवी रखे गहनों की सुरक्षा न करने व न लौटाने को माना उपभोक्ता सेवा में कमी

ब्यूरो
काशीपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने गोल्ड लोन में गिरवी रखे सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश यूको बैंक को दिया है। आयोग ने बैंक में गिरवी रखे गहनों की सुरक्षा न करने व न लौटाने को उपभोक्ता सेवा में कमी माना है।
जसपुर निवासी श्रीमति शीतल अग्रवाल की ओर से काशीपुर निवासी अधिवक्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर में परिवाद दायर करके कहा गया था कि शीतल अग्रवाल ने यूको बैंक के विज्ञापन तथा उसके अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा गोल्ड लोन की बतायी आकर्षक विशेषताओं तथा गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा पर विश्वास करके अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता होने पर अपने स्वर्ण आभूषण यूको बैंक की जसपुर शाखा में गिरवी रखकर रू. 3,22000 का गोल्ड लोन लिया गया। इस लोन को रू. 3,98000 का ब्याज सहित भुगतान नवम्बर 2020 में कर दिया गया। 2023 में उसे अपने आभूषणों की आवश्यकता होने पर गिरवी रखे गये आभूषणों को वापस लौटाने की लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर मांग की लेकिन बैंक के द्वारा न तो इन्हें वापस किया गया और न ही इसका वैध कारण बताया गया। इस पर परिवादिनी ने अपने अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से कानूनी नोटिस भिजवाया गया जिसका भी कोई उत्तर नहीं दिया गया और न ही आभूषणों को वापस किया गया। इस पर आयोग में परिवाद दायर करके बैंक में गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषण वापस दिलवाने तथा उपभोक्ता सेवा में कमी से हुये नुकसान का मुआवजा दिलवाने की आयोग से प्रार्थना की गयी।
बैंक की ओर से बैंक शाखा में दिनांक 11-07-2018 को बैंक के चपरासी दुश्यंत कुमार द्वारा चोरी करने तथा इसे निलम्बित करने व मामले में एफ.आई.आर. व आरोप पत्र दाखिल होने का कथन किया गया तथा चोरी की घटना की जानकारी परिवादिनी को टेलीफोन पर देने व बैंक द्वारा समझौते के तौर रू. 4,35,663 रूपये मुआवजा स्वीकार कराने का समझौता पत्र डाक से भेजने का कथन किया गया तथा किसी उपभोक्ता सेवा में कमी करने से इंकार किया गया व परिवाद निरस्त करने की प्रार्थना की गयी।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे सदस्य नवीन चन्द्र चंदौला तथा सदस्या डाॅ0 मनीला ने परिवादी के अधिवक्ता नदीम उद्दीन तथा बैंक के अधिवक्ता के तर्कों को सुना और परिवादिनी के ऋण हेतु गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषणों को वापस करने तथा इसे सुरक्षित न रखने को सेवा में कमी माना। जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय दिनांकित 07.08.2026 से निर्णय की तिथि से 45 दिन के अंदर गिरवी रखे गये 144.120 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण यदि चोरी के उपरान्त बैंक को प्राप्त हो गये है तो उन्हेें ज्यों का त्यों परिवादिनी को वापस करें और यदि उक्त स्वर्ण आभूषणों कों वापस करने में असमर्थ रहते है तो इस स्थििति में लोन समाप्ति की तिथि 30-11-2020 को गोल्ड की मार्केट वैल्यु के अनुसार धनराशि मय 6 प्रतिशत साधारण ब्याज जो इसी दिनांक से अदायगी तक देय होगा परिवादिनी को करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त 5 हजार रूपये मानसिक क्षति का मुआवजा तथा रू. 2 हजार वाद व्यय भुगतान का भी आदेश दिया।

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