विधि संवाददाता
हरिद्वार। नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में अपर जिला जज एफटीसी न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया है। विचारण कोर्ट ने आरोपी मुकुल को 20 वर्ष कठोर कारावास व 51 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि 12 मई 2024 से करीब एक साल पहले सिडकुल क्षेत्र में आरोपी मुकुल पर पीड़ित लड़की को अपने घर बुलाकर कई बार दुष्कर्म किया था। यही नहीं, आरोपी मुकुल पीड़ित लड़की से बार बार पेसो की मांग करता था जिसपर पीड़िता ने कई बार अपने पिता के खाते में से आरोपी को पैसे ट्रांसफर किए थे। पीड़ित लड़की ने अपने परिजनों को बताया था कि आरोपी ने घटना के बारे मे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता माता ने आरोपी मुकुल पुत्र जितेंद निवासी ज्वालापुर हरिद्वार के विरुद्ध संबधित धाराओं में केस दर्ज कराया था। केस की विवेचना के बाद विवेचक ने आरोपी मुकुल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।सरकारी पक्ष ने साक्ष्य में छह गवाह पेश किए गए।
जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा
विशेष कोर्ट ने आरोपी युवक को 20 वर्ष कठोर कैद व 51 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
पीड़ित बच्ची को मुआवजा राशि देने के दिए आदेश
विचारण कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित लड़की को आर्थिक, सामाजिक,मानसिक आघात व कष्ट के पहलुओं को देखते हुए एक लाख रूपये मुआवजा राशि इस आदेश के एक माह की अवधि में प्रदान किए जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही, जुर्माना राशि 51 हजार रुपये में से 30 हजार रुपये बतौर प्रतिकर राशि पीड़ित लड़की को दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।

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