सुरेन्द्र शर्मा
हरिद्वार। 13 वर्षीय लड़की का अपहरण कर कई बार बलात्कार करने के मामले में अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह ने आरोपी विक्की को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी विक्की को 20 वर्ष की कठोर कैद व 70 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि दो दिसंबर 2023 की शाम साढ़े छह बजे क्षेत्र में एक 13 वर्षीय लड़की बिना बताए अपने घर से कही चली गई थी। परिजनों के आसपड़ोस व रिश्तेदारों में तलाश करने पर भी लड़की का पता नही चला था। जिसके बाद परिजनों ने शक जाहिर करते हुए जहां आरोपी विक्की के खिलाफ एक लिखित शिकायत पुलिस में दी थी। आरोप लगाया था कि आरोपी विक्की उनके घर के पास एक गोदाम में काम करता था, वहीं पीड़ित लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। घटना के सवा एक माह के बाद पुलिस ने पीड़ित लड़की को आरोपी विक्की के कब्जे से बरामद कर परिजनों को सौंपा था। परिजनों व पुलिस की पूछताछ में पीड़ित लड़की ने आरोपी युवक पर अपहरण कर कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी विक्की पुत्र दलवीर सिंह निवासी ढाकिया नुरू थाना बिलारी जनपद मुजफ्फरनगर यूपी के खिलाफ नाबालिग लड़की से अपहरण कर कई बार दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज कर जेल भेजा था। पुलिस ने आरोपी विक्की के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त कैद
विशेष कोर्ट ने आरोपी विक्की को 20 वर्ष कठोर कैद व 70 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नही देने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए हैं।
पीड़िता को आर्थिक सहायता देने के निर्देश
विशेष कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पारित निर्णय के आधार पर पीड़िता को मानसिक , शैक्षिक व शारीरिक प्रतिकर के रूप सात लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें पांच लाख रूपये की एफडी कराने और दो लाख रुपये नगद अदा करने के आदेश दिए हैं।उक्त निर्णय की एक प्रति जिला मजिस्ट्रेट को अनुपालन हेतु भेजने के आदेश दिए हैं।

More Stories
कांग्रेस ओबीसी विभाग की पहली प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न: ओबीसी समाज की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कंवरदीप सैनी
खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न टीमों ने व्यापक स्तर पर चलाया निरीक्षण अभियान। कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट सहित दूध, पनीर व मावा के कुल 10 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लिए।
जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 99 प्रतिशत किया जा चुका है संपादित।