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मतदान के बाद प्रत्याशियों की हार जीत को लेकर चौक- चौराहों, गली मोहल्लों में होने लगी चर्चा।

मनोज सैनी
हरिद्वार। 102 लोकसभा क्षेत्रों में 19 अप्रैल को हुए मतदान के साथ उत्तराखंड की पांचों सीटों पर भी मतदाताओं ने प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद कर दिया है। मतदान के बाद चौक चौराहों, गली मोहल्लों में पार्टी समर्थकों और नेताओं ने अपने अपने गुणा भाग शुरू कर दिए हैं। हरिद्वार लोक सभा सीट की बात की जाए तो मतदान से पूर्व भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र रावत की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी, मगर मतदान के दिन मतदाताओं के रुझान से भाजपा और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा व संघ समर्थकों का दावा है की हरिद्वार लोकसभा भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत लगभग 1 लाख वोटों से जीत रहे हैं। हरिद्वार संघ के बड़े पदाधिकारी डा यतींद्र नाग्यान से हुई चर्चा में उन्होंने अपने तर्क देते हुए बताया कि इस बार भाजपा प्रत्याशी की जीत तो सुनिश्चित है लेकिन जीत का अंतर थोड़ा कम है। इसी प्रकार संघ से जुड़े मित्र सौरभ सारस्वत का तर्क है कि इस बार हरिद्वार नगरीय क्षेत्र में भले ही मतदान कम हुआ हों लेकिन अन्य क्षेत्रों में हुए मतदान के कारण भाजपा जीत की और अग्रसर है। संघ से जुड़े दोनों ही साथियों का तर्क था कि भले ही भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रत्याशियों में जीत का अंतर कम हो लेकिन भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है।
कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों का दावा है की इस बार जनता ने परिवर्तन के मन बना लिया था और जनता मोदी जी के जुमलों, युवा बेरोजगारी, महिलाएं महंगाई और किसान अपनी समस्याओं के कारण मोदी सरकार से बेहद खफा था तो मुस्लिम समाज मोदी सरकार की नफरत वाली राजनीति से परेशान था, वहीं दलितों को बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के बनाए संविधान पर खतरा महसूस हो रहा था। जिसके चलते पहले चरण में मतदाताओं ने मोदी विरोधी लहर के चलते कांग्रेस के पक्ष में अपना मतदान किया। पूर्व राज्यमंत्री संजय पालीवाल ने तर्क देते हुए बताया कि लक्सर, पिरान कलियर, मंगलौर, भगवानपुर, हरिद्वार ग्रामीण, ज्वालापुर, रुड़की सहित अन्य क्षेत्रों में मुस्लिम, दलित मतदाताओं सहित सभी वर्ग के लोगों ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। उनका कहना था कि इस बार भाजपा का वोटबैंक मोदी जी की जुमले बाजी से तंग आ चुका था, जिस कारण वह मतदान करने घर से बाहर नहीं निकला। उन्होंने बताया कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी लगभग 1 लाख वोटों से जीतने जा रहा है। इसी प्रकार भगवानपुर क्षेत्र के करोंदी गांव के भाजपा समर्थक नवीन कुमार सैनी और लक्सर क्षेत्र के मगन सिंह, राव अखलाख आदि ने बताया कि उनके आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे दलित और मुस्लिम मतदाताओं ने भारी तादाद में कांग्रेस की तरफ अपना रुख किया है। उनका साफ तौर पर कहना था कि देश की जनता मोदी सरकार की नीतियों से त्रस्त हो चुकी है, लोग टैक्स पर टैक्स देते हुए दुखी हो चुके है। आमदनी के साधन कम हो गए है और महंगाई इतनी हो गई है की घर चलाना मुश्किल हो गया है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो राजनीति करने वाले और राजनीति की समझ रखने वाले लोग अब अपने अपने गुणा भाग में लग गए है। हर कोई अपने प्रत्याशियों को जिताने में लगा है लेकिन यह जरूर है की हरिद्वार की सीट भाजपा के लिए जितनी आसान समझी जा रही थी उतनी आसान नहीं है। मुकाबला कांटे का है, अब जब 4 जून को ईवीएम खुलेगी तभी मालूम चलेगा की किसकी किस्मत का सितारा चमकेगा।

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