मनोज सैनी
हरिद्वार। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के नाम पर भाजपा, संघ और केंद्र की मोदी सरकार द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर आयोजित किए जा रहे राजनीतिक आयोजन को हिंदुओं के सबसे बड़े धर्म गुरुओं चारो पीठों के शंकराचार्यों ने आईना दिखाने काम किया है।
[yotuwp type=”videos” id=”C0pgJyeq1oY” ]
वीडियो साभार न्यूज तक
गोवर्धनमठ पूरीपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती में निजी चैनल “न्यूज तक”को दिए साक्षात्कार में कहा है कि अयोध्या में 22 जनवरी को जो प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम किया जा रहा है, वह धर्म और शास्त्र सम्मत नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा है कि अब ये लोग राजनीति के साथ साथ धर्म का भी कार्य करने लगे हैं। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी ने मोदी को बुद्धू की संज्ञा देते हुए कहा कि अब वे बुद्धू जैसे कार्य करने लगे हैं। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी ने चंपत राय पर पूछे गए सवाल पर कहा है कि चंपत पहले आया या। संपत, उन्होंने चंपत राय को बिन पैंदी का लोटा करार दिया।
इससे पूर्व ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने भी 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम को धर्म विरोधी बताते हुए अपनी बात रखी थी। उन्होंने चंपत राय जैसे लोगों से तुरंत इस्तीफा देने की मांग भी की थी।

More Stories
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा की तीन मांगो में से एक मांग हुई पूरी: मेलाधिकारी ने अर्धकुंभ निधि से परियोजना संबंधी जानकारी वाले बोर्ड प्रत्येक कार्यस्थल पर प्रमुखता से लगाने के निर्देश।
अमेरिकन आश्रम की स्वामी ईस्टर फ्रीड और प्रबंधक ने लगायी भूमि पर किए गए कब्जे को हटाने की गुहार।
नाबालिग विद्यार्थियों द्वारा वाहन संचालन के विरुद्ध अभियान, 20 स्कूटी/मोटरसाइकिल सीज।