रतनमणि डोभाल/ मनोज सैनी
हरिद्वार। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का ढोल पीटने वाली उत्तराखंड सरकार वास्तव में कितनी ईमानदारी से कार्य कर रही है और हरिद्वार कुम्भ में कुम्भ क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मक्खी मच्छर अर्थात कीटाणुओं से बचाने के लिये कितना भारी भरकम बजट खर्च किया गया है। इसका जीता जागता सबूत आपके समक्ष है। कुम्भ मेला प्रशासन ने ईमानदारी का झंडा बुलंद रख, कुंभ में आपको सुरक्षित रखने के लिए दो महीने 15 मार्च से 15 मई तक मात्र 2 करोड़ 65 लाख 48 हजार रुपए आप पर छिड़के गए हैं। यानि कीटाणुओं को आपसे दूर रखने के लिए प्रति दिन 4 लाख 42 हजार रुपए लगभग पर आप छिड़के गए हैं। ध्यान रहे सरकार ने कुंभ की अवधि एक अप्रैल से 28 अप्रैल घोषित की थी। दिलचस्प बात ये है कि भ्रष्टाचार के लिये कुम्भ मेले में मक्खी मच्छर को भी नहीं बख्शा गया। अब मक्खी मच्छर मरे या नहीं ये तो कुम्भ क्षेत्र की जनता बहुत अच्छी तरह जानती है लेकिन इतना तो तय है कि भ्रष्टाचारियों ने कालेधन के लिये मक्खी मच्छरों को भी नहीं छोड़ा। देखिए अपनी सेवा का चार्ट, चूना लगाने, रंगोली बनाने व सेनिटाइजर का छिड़काव शामिल नहीं है।
ईमानदारी की जय हो।

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