ब्यूरो
हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी हरिद्वार में नशे के बढ़ते कारोबार से त्रस्त युवा पुलिस व प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठ गए। नशे के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे युवाओं की मांग है कि क्षेत्र में नशे पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। पुलिस और प्रशासन अपनी कार्यशैली में बदलाव करते हुए नशे पर बड़ी कार्रवाई करें। मांगे ना पूरी होने तक युवाओं ने आमरण अनशन जारी रखने की चेतावनी दी है।

बुधवार को सिंह द्वार चौक पर नशे के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे जागृति युवा मंच के सदस्य मनीष चौहान ने बताया कि पूर्व में भी कई बार पुलिस और प्रशासन से बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा चुकी है लेकिन किसी भी स्तर पर कोई भी सुनवाई ना होने के कारण सब युवाओं को नशे के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है। युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खामियाजा नशा करने वाले युवाओं के परिवार को भुगतना पड़ता है। जब तक पुलिस और प्रशासन नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करता है तब तक युवाओं का आमरण अनशन जारी रहेगा। नशे के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे युवाओं में मनीष चौहान, प्रवीण शर्मा, विवेक कौशिक, अंकित शर्मा, हिमांशु राजपूत, आकाश, विवेक शर्मा, विशाल भारद्वाज, सुमित, दीपक गौनियाल, आशीष पंवार, नितिन शर्मा, सिद्धान्त रावत, मनीष रावत, मोनू गुज्जर, अभिषेक, कार्तिक, पंकज, तुषार देशवाल, अजय कुमार, आशु मलिक, उज्जवल मलिक, सतपाल सिंह, पंडित अधीर कौशिक, सचिन गौतम, दिनेश जोशी आदि युवा उपस्थित रहे।

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