ब्यूरो
हरिद्वार। उत्तराखंड के सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारी गिरफ्तार हो रहे हैं। ताजा मामला धर्मनगरी हरिद्वार से है, जहां विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार के जिला पूर्ति अधिकारी और उनके एक सहायक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। जिला पूर्ति कार्यालय में ही विजिलेंस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
बताया जा रहा है कि किसी राशन डीलर से जिला पूर्ति अधिकारी ने यह रकम मांगी थी। इस संबंध में पीड़ित ने विजिलेंस को शिकायत करते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई थी। जिस पर शुक्रवार यानी 16 जनवरी को देहरादून से पहुंची विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। जिसके तहत पीड़ित ज्वालापुर स्थित तहसील में जिला पूर्ति कार्यालय में पहुंचा। जहां विजिलेंस की टीम पहले ही तैयारी में थी। जैसे ही उसने रिश्वत के 50 हजार रुपए दिए तो तत्काल विजिलेंस ने जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। साथ ही भ्रष्टाचार के तौर पर वसूली गई रकम भी बरामद कर ली।
विजिलेंस की कार्रवाई से तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा गया। वहीं, खबर लिखे जाने तक जिला पूर्ति कार्यालय में दोनों से पूछताछ जारी है। कार्यालय के बाहर पुलिस टीम भी तैनात है। बताया जा रहा है कि दोनों को गिरफ्तार करने के बाद विजिलेंस अपने साथ देहरादून लेकर जाएगी।
बता दें कि हाल ही में खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद बृजपाल राठौर और उनके सहायक को भी विजिलेंस की टीम ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। हरिद्वार जिले में अब तक कई भ्रष्टाचारी विजिलेंस की पकड़ में आ चुके हैं। अब एक बार फिर से एक बड़ा अधिकारी और उसका सहायक विजिलेंस की कड़ी कार्रवाई की जकड़ में आए हैं।

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