ब्यूरो
हरिद्वार। राजकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जमालपुर कला में सरकार के आदेशों की एक बार फिर से धज्जियां उड़ाई गईं। जब शनिवार को बच्चों को भारी स्कूली बस्तों के साथ विद्यालय बुलाया गया।
बताते चलें कि सरकार के निर्देश हैं कि महीने के अंतिम शनिवार को प्रतिभा दिवस के रूप में मनाया जायेगा। जिसमें बच्चों को बिना बैग स्कूल बुलाया जाए और उनसे स्कूल में विविध प्रकार की गतिविधियां कराई जाएं, ताकि बच्चे अन्य गतिविधियों में भी निपुण हो सकें लेकिन जमालपुर कला के सरकारी विद्यालय में सरकार के आदेशों का कोई पालन नहीं किया गया। सभी बच्चों को भारी-भारी बस्तों के साथ स्कूल बुलाया गया और छुट्टी होने के बाद बस्तों के साथ वापस भेजा गया।
बता दें कि यह वही सरकारी स्कूल है जिसके स्कूल के गेट प्रवेश उत्सव के दिन भी बंद रहे थे। जिसे सरकारी स्कूल में प्रवेश लेने के लिए आए बच्चे और अभिभावक को घंटा दोपहर में धूप में खड़े होकर वापस मायूस लौटना पड़ा था। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच में यह सही भी पाया था।
मामले में कार्रवाई करने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई थी।
अब फिर से सरकारी आदेशों का खुलेआम स्कूल में उल्लंघन किया गया है। जिसे साफ हो रहा है कि प्रधानाचार्य लिए सरकारी आदेश कोई मायने नहीं रखते हैं। वह मनमानी करते हुए केवल अपने नियम-कायदे चलाएंगे। जिसके लिए वह सरकारी नियम कायदों को भी ताक पर रख रहे हैं।

More Stories
शादी का झांसा देकर युवती से बनाए शारीरिक संबंध, युवती हुई गर्भवती। शादी से किया इंकार, युवती ने दर्ज कराया मुकदमा
कांग्रेस ओबीसी विभाग की पहली प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न: ओबीसी समाज की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी: कंवरदीप सैनी
खाद्य सुरक्षा विभाग की विभिन्न टीमों ने व्यापक स्तर पर चलाया निरीक्षण अभियान। कैडबरी डेयरी मिल्क चॉकलेट सहित दूध, पनीर व मावा के कुल 10 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु लिए।