मनोज सैनी
देहरादून। उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व में समाज कल्याण मंत्री खजान दास के बेटे की शादी के मामले में मात्र दो फारेस्ट गार्ड को दोषी मिले। आला दर्जे की बेशर्मी के साथ वन विभाग ने फॉरेस्ट गार्ड अमित सैनी, अभिषेक कंडारी को सस्पेंड भी कर दिया। एक रेंजर एक दरोगा को हटा दिया और बड़े अफसरों को बचा लिया गया।
कमाल ये है कि मंत्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पूरा तामझाम किया, लेकिन गाज गिरी दो फारेस्ट गार्ड पर। मंत्री और अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना की और गेट पर खड़े होकर बड़े अधिकारियों का हुक्म बजाने वाले दो गार्ड को सजा दे दी गई।
कमाल ये है कि मंत्री ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पूरा तामझाम किया, लेकिन गाज गिरी दो फारेस्ट गार्ड पर। मंत्री और अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खुली अवहेलना की और गेट पर खड़े होकर बड़े अधिकारियों का हुक्म बजाने वाले दो गार्ड को सजा दे दी गई।
बता दें कि हरिद्वार स्थित माता सुरेश्वरी देवी मंदिर में वन विभाग ने बिना अनुमति के शाही शादी की तैयारी करने और टेंट-पंडाल लगाने के मामले में पहले ही मंदिर समिति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। साथ ही राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने पुष्टि भी की थी कि इस आयोजन के लिए कोई औपचारिक मंजूरी नहीं ली गई थी, जो वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, वन विभाग ने शनिवार रात को शादी के लिए लगाए गए भव्य टेंट, मंच और अन्य टेंट की सामग्री को हटा दिया था। मंत्री खजान दास ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि उन्होंने सूचित किया था और यह शादी सादगी से की गई थी।

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