मनोज सैनी
हरिद्वार। कोतवाली ज्वालापुर में स्थिति उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब भाजपा के रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने शांति भंग के आरोपियों को कोतवाली से ही छोड़ने की जिद पर कोतवाली में ही धरना दे दिया। एक घंटे तक चले हाई प्रोफाइल ड्रामा देखने वाले लोग जहां कोतवाली पुलिस की सराहना करते नजर आए वहीं भाजपा विधायक उल्टा ही पुलिस पर अपना रोब गालिब करते रहे। पुलिस का कहना है की यदि पुलिस समय रहते उचित कार्यवाही नहीं करती तो एक बड़ा बवाल खड़ा हो सकता था। मगर विधायक जी चुनाव को देखते हुए राजनीति के तहत अपनी जिद पर अड़े रहे और पुलिस पर अपना रोब गालिब करते रहे। पुलिस के आलाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद विधायक जी शांति भंग के आरोपियों के साथ ऑटो में सवार होकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के लिया निकल पड़े।
मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह कोतवाली ज्वालापुर के पीठ बाजार में तनवीर पुत्र इरफान निवासी पीठ बाजार किसी कार्य से घर से बाहर जा रहा था। इसी दौरान पीठ बाजार में राजेश हलवाई की दुकान के सामने से गुजरने पर दुकान के बाहर रखे सामान को अंदर रख लेने की बात मोटरसाइकिल सवार ने कही, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। दुकान के कर्मचारियों ने मोटरसाइकिल सवार युवक की पिटाई कर दी। आनन फानन में पहुंची पुलिस चार आरोपी महेश, वंश, दिनेश और संजय उर्फ संजू को कोतवाली ले आई। सभी का शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया। इधर दोपहर बाद भाजपा विधायक आदेश चौहान कोतवाली जा धमके। पहले उन्होंने आरोपियों को कोतवाली से ही छोड़ देने की मांग शुरु कर दी, जब पुलिस ने समझाया कि उनका चालान हो गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष उन्हें पेश किया जाएग, तब भी विधायक नहीं माने। वे कार्यालय कैंपस में धरने पर बैठ गए। सीओ ज्वालापुर शांतनु पाराशर, कोतवाली प्रभारी रमेश तनवार उन्हें समझाना चाहा लेकिन विधायक से टस से मस हुए नहीं हुए और अपनी जिद पर अडे रहे कि आरोपियेां को छोड़ा जाए या उनका भी चालान शांतिभंग करने के आरोप में कर दिया जाए।
पुलिस जब आरोपियों को सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाने लगी, तब उस ऑटो रिक्शा में विधायक भी सवार हो गए, उसके बाद जब पुलिस आरोपियों का मेडिकल कराने के लिया जीडी अस्पताल पहुंची तो वहां विधायक जी पूरी भाजपा के साथ धरने पर बैठ गए। भाजपाईयों का कहना है की पुलिस ने एकतरफा कार्यवाही की है जबकि दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। अब भाजपाई ज्वालापुर कोतवाल को हटाने की मांग भी करने लगे। जबकि सच्चाई यह है की यदि पुलिस तत्परता से अपने कार्य को अंजाम नहीं देती तो चुनाव के समय एक बड़ा बवाल खड़ा हो जाता। जिसे पुलिस ने समय रहते टाल दिया।

मामले में महानगर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा की भाजपा विधायक आदेश चौहान और भाजपाई नेता सत्ता के नशे में चूर है और पुलिस को अपनी कठपुतली बनाना चाहती है। उन्होंने ज्वालापुर पुलिस की निष्पक्ष कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा की पुलिस ने समय रहते एक बड़ा बवाल होने से बचा लिया।

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