मनोज सैनी
हरिद्वार। वैसे तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर समय समय पर तरह तरह के आरोप लगते रहते हैं लेकिन हरिद्वार पुलिस अब अपनी इज्जत और इकबाल बचाने के लिए अजीबो गरीब खुलासे करने लगी है। ऐसा ही एक खुलासा ज्वालापुर पुलिस के जरिए किया गया है। 3 सितंबर को मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला दीपिका गुप्ता पत्नी अमित गुप्ता निवासी आर्य नगर, ज्वालापुर की अवधूत मंडल आश्रम के निकट सुबह करीब 6:45 बजे एक लुटेरे द्वारा दीपिका को चाकू दिखाते हुए गले से चैन लूटने की घटना घटित हुई। महिला का बचाव करने आए व्यापारी के ऊपर चैन स्नेचर ने एक फायर भी झौंका, जिसमें वह बाल बाल बचा।

आज ज्वालापुर पुलिस ने उक्त चैन स्नेचिंग की घटना का खुलासा करने का दावा करते हुए मीडिया को प्रेस नोट जारी कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस को न महिला के गले से लूटी चैन मिली और न चैन लूटने वाला लुटेरा फिर भी चैन लूट का कर दिया खुलासा और पीड़ित महिला का कहना है कि उसे न तो उसकी लूटी हुई चैन मिली और न मुख्य चैन स्नेचर पकड़ा गया।
बताते चलें की हरिद्वार पुलिस की निष्क्रियता के कारण शहर में बदमाशों, लुटेरों और डकैतों के होंसले बुलंद है। 1 सितंबर को श्री बालाजी ज्वैलर्स के यहां दिन दहाड़े हुई 5 करोड़ की डकैती और उसके 2 दिन बाद मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से खुलेआम हुई चैन स्नेचिंग ने पुलिस की कार्य प्रणाली की पोल खोल कर रख दी। दोनों घटनाओं में हरिद्वार पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही थी कि अब महिला के साथ हुई चैन स्नेचिंग की घटना का खुलासा करने पर पीड़ित महिला द्वारा सवालिया निशान लगा दिया है। इतना ही नहीं लुटेरे ने जिस असलहे से फायर किया वह भी न उसे बरामद कर पाई और न वह चाकू जो महिला के गले पर लुटेरे ने लगाकर चैन लूटी थी।

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