राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद इलाके से एक हैरत अंगेज खबर सामने आई है। जहां मंगलवार को एक बुजुर्ग महिला के घर में कोबरा सांप घुस गया। आसपास के लोगों को जब इसका पता चला तो वे सांप को मारने के लिए दौड़े लेकिन बुजुर्ग महिला ने लोगों से यह कहते हुए सांप को मारने से मना कर दिया कि यह उसका बेटा है। वह बड़े दिनों बाद घर लौटा है। इतना ही नहीं महिला ने मंगलवार से ही सांप को अपने गले में डाल लिया और उसे प्यार दुलार करते हुए गांव में घुमाया। सांप ने भी महिला को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। अब जानकारी मिली है कि बुधवार को सांप की मौत हो गई। गांव के लोग ने सांप का अंतिम संस्कार किया है।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार मामला सांगोद कस्बे के पास स्थित रस्कपुरिया गांव का है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां मंगलवार को एक बुजुर्ग महिला बादाई बाई के घर में काला नाग घुस आया। इसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीण वहां पहुंचे और सांप को मारने की तैयारी करने लगे लेकिन बुजुर्ग महिला ने उनको रोक दिया। बुजुर्ग महिला ने कहा कि यह घर के कोई देवता हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक इसके बाद बुजुर्ग महिला ने सांप के सामने कहा कि अगर घर के कोई देवता है तो घर में ही रुक जाए नहीं तो घर से बाहर चले जाए लेकिन सांप वहां से नहीं हिला। उसके बाद महिला ने दुबारा कहा कि अगर यह मेरा बेटा है तो मेरी गोद में आ जाए। उसके बाद सांप बुजुर्ग महिला की गोदी में जाकर बैठ गया। इस नजारे को देखकर हर कोई हैरान रह गया।
बुजुर्ग महिला ने यह कहकर लोगों को सांप को मारने से रोक दिया कि मेरे बेटे का पुनर्जन्म हुआ है। वह सांप बनकर वापस लौटा है। उसके बाद महिला ने बाकायदा सांप को उठाकर अपने गले में डाल लिया। उसे एक बच्चे की तरह खूब प्यार दुलार किया। सांप भी बुजुर्ग महिला के साथ अठखेलियां करने लग गया। यह मामला गांव सहित आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल इस बुजुर्ग महिला के जवान बेटे हंसराज की करीब 18 साल पहले पार्वती नदी में डूब जाने से मौत हो गई थी। उसके बाद से हंसराज की मां गुमशुम रहने लगी। मंगलवार को जब घर में सांप घुसा तो उसने उसे अपना बेटा मान लिया। बुजुर्ग महिला के जिद के आगे कोई कुछ नहीं कर सका और वह सांप के साथ खेलने लगी। महिला ने सांप को अभी भी अपने घर में रख रखा है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को सांप की मौत हो गई। गांव के लोगों ने सांप का अंतिम संस्कार किया है।

More Stories
संवाद कार्यक्रम: कांवड़ मेला सकुशल सम्पन्न कराने हेतु प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह तैयार।
कांवड़ मेला-2026: कांवड़ मेला क्षेत्र 18 सुपर जोन, 40 जोन एवं 141 सेक्टरों में विभाजित।
कांवड़ मेला-2026: जनपद हरिद्वार के सभी सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, तकनीकी संस्थानों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित।