मनोज सैनी
देहरादून उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर धरने पर बैठने जा रहे हैं। इस बार हरदा उत्तराखंड की बेटियों अंकिता व बलात्कार से पीड़ित अन्य बेटियों को न्याय दिलाने के लिए एसआईटी मुख्यालय या फिर इस रिसोर्ट के सामने धरने पर बैठेंगे जहां अंकिता की हत्या हुई थी। अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखते हुए हरीश रावत ने लिखा है कि #अंकिता_भंडारी हत्याकांड और उससे जुड़े हुए वह #VIP कौन ! तथा रिजॉर्ट में बुलडोजर फिराये जाने, सीसीटीवी कैमराज के तार काटे जाने एवं रिजॉर्ट स्वामी की रिजॉर्ट से जुड़ी हुई फैक्ट्री में आग लगने की घटनाओं ने उत्तराखंड के प्रबुद्ध जनमानस को अत्यधिक उद्वेलित कर दिया है। एक सामाजिक संगठन जिसके साथ कुछ राज्य आंदोलनकारी व समाचार पत्रों से जुड़े हुए लोग संबद्ध हैं उसने अपने तरीके से तथ्यों की जांच-पड़ताल की है, जो कुछ बातें उनकी पड़ताल में सामने आई हैं उससे लगता है कि वीआईपी को बचाने के लिए साक्ष्यों और परिस्थितियों को भी बदलने का कूप्रयास हो रहा है।
#हरिद्वार में लोकतंत्र बचाने के संघर्ष के दौरान मैं लगभग 28 घंटा थाने में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठा था। तब कुछ लोगों ने मुझसे अपेक्षा की थी कि मैं #अंकिता और अन्य बलात्कार से पीड़ित उत्तराखंड की बेटियों की आत्माओं को न्याय मिल सके इसके लिए देहरादून में भी थाने में धरना दूं। अभी मैं #BharatJodoYatra में राजस्थान पहुंचा हूं, वापस देहरादून आने पर मैंने निश्चय किया है कि मैं #SIT के मुख्यालय या रिजॉर्ट के निकट प्रातः 11 बजे से दूसरे दिन प्रातः 11 बजे तक #धरने पर बैठूं और जनदबाव को शक्ति प्रदान करूं।

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