मनोज सैनी
हरिद्वार। महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने बैठक कर पुनः सरकार से व्यापारियों के लिए मुआवजे की मांग की है। सुनील सेठी ने कहा कि बार बार कुंभ को लेकर जो एसओपी जारी हो रही है वो व्यापारियों के साथ कुठाराघाट है। कभी कोविड-19 की रिपोर्ट की बाध्यता कभी उसे समाप्त करने के आदेश, फिर कोविड नगेटिव की रिपोर्ट का हाथ पर निशान, बिना पंजीकरण के श्रद्धालुओं के आवागमन पर रोक, होटल में बिना रिपोर्ट के कमरे नही, आदेश व्यापारियों को भ्रमित कर उनका उत्पीड़न कर रहे है। साफ साफ सरकार द्वारा जारी आदेश हरिद्वार के व्यापारियों का उत्पीड़न करने के अलावा कुछ नही। सरकार की मंशा शुरू से ही कुंभ को लेकर विचारणीय रही जिससे व्यापारी हताश ओर निराश है। अब मुख्य स्नानों पर बाजार बंद रखने की नई गाइडलाइन से व्यापारी परेशान है। अगर सरकार हरिद्वार के व्यापारियों के साथ ऐसा ही करना चाहती है तो सरकार को व्यापारियों को मुआवजा देना चाहिए। समय समय पर सरकार को टैक्स देकर आर्थिक मजबूती देने वाला व्यापारी आज स्वयं की आर्थिक मदद की मांग कर रहा है लेकिन कोई राहत देने की बजाय सरकार उल्टा व्यापार पर तालाबंदी कर देना चाहती है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा और इसका जवाब व्यापारी समय पर जरूर देगा। बैठक में सत्ता पक्ष के व्यापार मंडलों की चुप्पी पर भी व्यापारियों ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में मुख्य रूप से खड़खडेश्वर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश सुखीजा, महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया, महामंत्री नाथीराम सैनी, दीपक मेहता, विनोद कुमार, पंकज माटा, राहुल अरोड़ा, प्रीतम कुमार, राजेश शर्मा, गणेश शर्मा, भूदेव शर्मा, धर्मपाल सिंह, अरुण शर्मा, अमित कुमार, राजेश अरोड़ा, राहुल शर्मा उपस्थित रहे।

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