सुनील मिश्रा
हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा गंगा तट पर गुरु वार को मौन व्रत रखने की खबर फैलते ही तीर्थ पुरोहित समाज ने आक्रामक रुख अपना लिया है। युवा पुरोहित एवं भाजपा नेता उज्ज्वल पंडित ने कहा कि हरीश रावत गंगा के द्रोही हैं। उन्होंने हर की पैड़ी पर बह रही गंगा को स्क्रैप चैनल बता कर घोर पाप किया था उनके द्वारा लगाए गए कलंक को भाजपा की प्रदेश सरकार ने धो दिया है। अब हरीश रावत को दोबारा गंगा को कलंकित नहीं करना चाहिए।

उज्जवल पंडित ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि हरीश रावत किस मुंह से गंगा के तट पर पूजा करने या मौन व्रत रखने के लिए आ रहे हैं। यह तो वही हरीश रावत हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते वर्ष 2016 में पवित्र मां गंगा को नहर घोषित कर दिया था और हिंदुओं की आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई थी। हरीश रावत की इस कलंक को मिटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की त्रिवेंद्र रावत सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब हरीश रावत को गंगा के तट पर आने का भी अधिकार नहीं है। उन्हें अपना राजनीतिक ड्रामा करने के लिए गंगा का सहारा नहीं लेना चाहिए। अगर करना ही है तो किसी और स्थान को चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हरीश रावत गंगा तट पर आते हैं तो यह खुद उनके लिए भी शर्म की बात होगी।

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