ब्यूरो
पहाड से पलायन रोकने में होम स्टे योजना मददगार साबित हो रही है। इससे जहां पर्यटकों को सस्ते दामों पर पहाड़ की संस्कृति और परम्परागत व्यंजनों का स्वाद मिल रहा है, वही सुनसान पडे गांव क्षेत्र पर्यटकों से गुलजार होने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।

जनपद चमोली में इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 27 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। अभी तक 75 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ ले चुके है। पर्यटन विभाग के माध्यम से संचालित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) विकास योजना के अन्तर्गत राजकीय सहायता के रूप में मूल सब्सिडी एवं ब्याज पर सब्सिडी दी जाती है, जिसके अन्तर्गत पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम रू0 30.00 लाख तक की योजना लागत स्वीकृत की जाती है तथा पूूंजी संकर्म की लागत का 50 प्रतिशत या रू0 15.00 लाख इसमें जो भी कम हो मूल सब्सिडी के रूप में एवं प्रथम पॉच वर्षो में ऋण के सापेक्ष देय ब्याज का 50 प्रतिशत अधिकतम रू0 1.50 लाख प्रति वर्ष की दर से देय होता है। योजना की सरल शर्ते पूरी करने पर आप भी स्वरोजगार अपना सकते है।

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