मनोज सैनी
हरिद्वार। कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति उत्तराखंड पेयजल निगम देहरादून के आह्वान पर जनपद इकाई उत्तराखंड पेयजल निगम हरिद्वार के प्रतिनिधि मंडल ने कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, महापौर, नगर निगम, हरिद्वार श्रीमति अनीता शर्मा, महापौर रुड़की गौरव गोयल व जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं पेयजल मंत्री उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में पेयजल व्यवस्था को एकीकृत करते हुए उत्तराखंड पेयजल निगम एवं उत्तराखंड जल संस्थान का राजकीयकरण किया जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तराखंड पेयजल निगम व उत्तराखंड जल संस्थान का राजकीयकरण व एकीकरण होने से सबसे अधिक लाभ उत्तराखंड राज्य की जनता का होगा तथा पेयजल समस्या के समाधान हेतु एकल उत्तरदायी विभाग होने से पेयजल योजनाओं की उपादेयता बढ़ेगी तथा अनावश्यक व दोहरे अलाभकारी निर्माण की समस्या समाप्त होगी। उत्तराखंड पेयजल निगम व उत्तराखंड जल संस्थान के एकीकरण व राजकीयकरण होने से अधिष्ठान व्यय में भी कटौती होगी जो उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य हेतु अत्यंत लाभदायक है। प्रतिनिधिमंडल में मौ0 मीसम जिला संरक्षक अधिकारी/ कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति उत्तराखंड पेयजल निगम हरिद्वार, कुमार गौरव, बृजपाल शर्मा, शलभ मित्तल, दीपक गोसाई, अंकित पराशर, अरुण कुशवाहा, आजाद सिंह, श्रीमती चारु अग्रवाल, आर एस गुप्ता, सिद्धार्थ, नवनीत सिंह नेगी, शिशुपाल सिंह, अनिकेत शर्मा, सुदामा प्रसाद, शिव शर्मा, विकास कश्यप, मोहित जैन, डीएस नेगी, श्रीमती सुप्रिया कुलश्रेष्ठ, श्रीमती दीक्षा नौटियाल, श्रीमती सोनिया धीमान, संजय कुमार, मनीष करारा, विनय पुरोहित, जी पी गैरोला आदि शामिल थे।

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