मनोज सैनी
हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी संगठन पर ही सवाल खड़े कर दिए है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने मन की पीड़ा को रखते हुए लिखा है कि #चुनाव_रूपी_समुद्र
है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, #सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय है! फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है “न दैन्यं न पलायनम्” बड़ी उपापोह की स्थिति में हूंँ, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।

More Stories
बीएचईएल के नव-नियुक्त आर्टिजन प्रशिक्षुओं के लिए, प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन।
कांग्रेसजनों ने पुण्यतिथि पर किया देश के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू को याद। कहा पंडित नेहरू ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन चलाकर विश्व को प्रदान की नई दिशा।
बीकेटीसी में हुए भ्रष्टाचार का आरटीआई से हुआ खुलासा, मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच कर कड़ी कार्यवाही की मांग।