देहरादून। कोरोना महामारी के बीच वर्ष 2020 में सर्दी ने अपनी दस्तक दे दी है। वर्तमान में तापमान गिरने के साथ-साथ दिन में भी हल्की ठंडक होने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार कड़ाके की ठंड पड़ेगी, जोकि लंबी खिंचेगी। उत्तर भारत में शीत लहर चलने का भी अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। भारत में मौसम के रुख को तय करने में ला नीना और एल नीनो प्रभाव का काफी अहम रोल है। ला नीना के कारण इस बार अधिक ठंड पड़ने की उम्मीद है। ला नीना एक प्रक्रिया है, जिसके तहत समुद्र में पानी ठंडा होना शुरू हो जाता है। समुद्री पानी पहले से ही ठंडा होता है, लेकिन इसके कारण उसमें ठंडक बढ़ती है, जिसका असर हवाओं पर पड़ता है। एल नीनो में इसके विपरीत होता है। दोनों ही क्रियाओं का असर सीधे तौर पर भारत के मानसून और सर्दी के मौसम पर पड़ता है

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