सुनील मिश्रा
हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज में पंचकर्म विभाग की ओर से पांच दिवसीय पंचकर्मीय प्रशिक्षण शुरू किया गया। जिसमें 20 चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचकर्म को सुलभ एवं समिति संस्थानों में किस प्रकार से प्रयोग में लाया जा सकता है। इस पर चिकित्सकों की ओर कदम उठाए जाएं। कहा कि पंचकर्म में हर प्रकार की बीमारियों का उपचार संभव है। इसलिए, ग्रामीणों को पंचकर्म की स्वास्थ्य सेवा का लाभ भी पहुंचाया जाए।
कुलसचिव गक्खड़ ने कहा कि पंचकर्म में बीमारियों का जड़ से उपचार होता है। चिकित्सकों को पंचकर्म से उपचार मरीजों को देने के लिए प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
इस मौके पर ऋषिकुल परिसर निदेशक डीसी सिंह, परीक्षा नियंत्रक अधिकारी ओपी सिंह ने कहा कि पंचकर्म चिकित्सा से सस्ता और अच्छा इलाज मरीजों को मिलता है, इसलिए लोगों को स्वास्थ्य सेवा का फायदा उठाने के लिए जागरूक किया जाए।
पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रो. डा. केके शर्मा ने प्रशिक्षण में आए चिकित्सकों का स्वागत किया। कहा कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण फलदायी हाेगा। इस मौके पर असिस्टेंट प्रो. डा. नितेश आनंद, असिस्टेेंट प्रो. डा. पारूल शर्मा, प्रो. डा. प्रवेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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