प्रभुपाल सिंह रावत
रिखणीखाल। रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम चिलाऊ में 22 जुलाई को दिन में लगभग चार बजे के आसपास लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जयपाल सिंह रावत व महिपाल सिंह रावत के मकान का एक भाग गिर गया लेकिन जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन आगे अभी खतरा बरकरार बना हुआ है। ये गाँव ऐसी जगह बसा है जहाँ स्वतंत्र भारत के 74 साल बीतने के बाद भी आधुनिक भारत व डिजिटल इंडिया की विकास की किरणें नहीं पहुँच सकी। इस बात का अंदाजा व पुष्टि यहाँ के पैदल रास्तों से हो रही है। अब कोई मकान भी बनाये या मरम्मत भी करे तो ईट, बजरी, रेत, पत्थर, सीमेंट, सरिया आदि भवन सामाग्री कैसे पहुँचाये। कहा जा रहा है कि इन दोनो भाइयों का मकान निर्माण के लिए प्रधान मंत्री आवास योजना से स्वीकृत हुआ है लेकिन अभी तक कोई पैसा की किश्त जारी नहीं हुई है। वह भी ठंडे बस्ते में हिचकोले खा रहा है। अब क्या प्रशासन इनकी सुध ले पायेगा या ऐसे ही घुट घुट कर जियेंगे।

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