मनोज सैनी
हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कर्मों के कारण हरिद्वार लोकसभा चुनाव से चुनावी मैदान में उतर चुके कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र राव की स्थिति काफी चिंताजनक नजर आ रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस प्रत्याशी को कोई भी अपना चुनावी कार्यालय खोलने के लिए जगह नहीं दे रहा है। इसकी पुष्टि खुद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजधानी के एक पत्रकार से फोन पर हुई वार्ता के दौरान की। दिलचस्प बात यह है की हरीश रावत इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि जिन लोगों की उन्होंने अपने मुख्य मंत्रित्व काल में सहायता की थी, वो लोग भी कांग्रेस प्रत्याशी का दफ्तर अपने यहां खुलवाने से कतरा रहे है।
इतना ही नहीं जब से हरिद्वार लोकसभा से वीरेंद्र रावत को उम्मीदवार बनाया है तभी से कांग्रेस के रुड़की, हरिद्वार के कई नामचीन चेहरे पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम रहे हैं। राजनीतिक गलियारों से पुष्ट खबर आ रही है कि हरीश रावत के 2 खासमखास राजनीतिक शिष्य एक आध दिन में अपने समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं।
कुल मिलाकर हरीश रावत के अतीत के कर्मों के चलते हरिद्वार से कांग्रेस प्रत्याशी की राह में कांटे ही कांटे नजर आ रहे हैं, जिस कारण उनकी स्थिति काफी चिंताजनक हो चली है।

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