हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड में धामी सरकारव में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि प्रदेश के सरकारी विभागों में अधिकारी हो या कर्मचारी बिना रिश्वत के काम करने को तैयार नहीं है। हालांकि शिकायत मिलने पर विजिलेंस की टीम रिश्वतबाजों को लगातार गिरफ्तार कर रही है।
सतर्कता विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यालय बाल विकास अधिकारी, रुड़की ग्रामीण द्वितीय में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विजिलेंस थाने में में पंजीकृत मुकदमा संख्या 6/2026 के तहत बुधवार को की गई।
आरोपी सुपरवाइजर राखी सैनी पर आरोप है कि उन्होंने प्रमोशन कराने के नाम पर धनराशि की मांग की थी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर सतर्कता विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते समय दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद विकास भवन रोशनाबाद स्थित डीपीओ कार्यालय में भी हड़कंप मच गया है। मामले में डीपीओ कार्यालय के अधिकारी धर्मवीर सिंह का नाम भी प्रकाश में आया है, जिसके बाद सतर्कता टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। वहीं, बाल विकास विभाग और संबंधित प्रशासनिक तंत्र में इस गिरफ्तारी के बाद खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस प्रकरण में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सतर्कता विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटा है।

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